मंडला में आईपीएल सट्टा गिरोह का भंडाफोड़
₹40 लाख का ऑनलाइन कारोबार पकड़ा
- जबलपुर के 3 सट्टेबाज गिरफ्तार
- किराए के मकान से संचालित हो रहा था सट्टा नेटवर्क
- कोतवाली पुलिस ने जब्त किए 17 मोबाइल और लैपटॉप
- 3 आरोपी सलाखों के पीछे
मंडला महावीर न्यूज 29. आईपीएल (IPL) के रोमांच के बीच मंडला पुलिस ने ऑनलाइन सट्टेबाजी के एक बड़े नेटवर्क को ध्वस्त करने में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस अधीक्षक श्री रजत सकलेचा के निर्देशन में कोतवाली पुलिस ने शहर के कटरा क्षेत्र में दबिश देकर करीब 40 लाख रुपये के आईपीएल सट्टा रैकेट का खुलासा किया है। इस कार्यवाही में पुलिस ने जबलपुर निवासी तीन सट्टेबाजों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है, जो एक किराए के मकान से अपना काला कारोबार संचालित कर रहे थे।
मुखबिर की सूचना पर पुलिस की स्ट्राइक
पुलिस अधीक्षक द्वारा अवैध गतिविधियों पर निगरानी के निर्देशों के तहत कोतवाली पुलिस को मुखबिर से पुख्ता सूचना मिली थी कि कटरा स्थित एक किराए के मकान में कुछ बाहरी व्यक्ति आईपीएल मैचों पर दांव लगवा रहे हैं। सूचना की गंभीरता को देखते हुए एसडीओपी श्री पीयूष मिश्रा के नेतृत्व में थाना प्रभारी निरीक्षक शफीक खान द्वारा एक विशेष टीम गठित की गई। टीम ने बताए गए ठिकाने पर अचानक दबिश दी, जहाँ आरोपी ऑनलाइन सट्टा संचालित करते पाए गए।
जबलपुर से आकर मंडला में जमाया था जाल
पूछताछ में सामने आया कि गिरोह का मुख्य सूत्रधार जमुना प्रसाद पटेल है, जिसने जबलपुर से आकर मंडला में मकान किराए पर लिया था। आरोपियों ने सट्टा राशि के लेन-देन के लिए एक फर्जी कंपनी के खाते का सहारा लिया था ताकि सुरक्षा एजेंसियों की नजरों से बच सकें। जांच में यह तथ्य उजागर हुआ कि अब तक इस रैकेट के माध्यम से लगभग 40 लाख रुपये का सट्टा लगाया जा चुका है।
गिरफ्तार आरोपी
- जमुना प्रसाद पटेल उर्फ लालू (38 वर्ष): निवासी शारदा चौक, गढ़ा, जबलपुर।
- शुभम कोरी (24 वर्ष): निवासी बेदीनगर, गढ़ा, जबलपुर।
- आकाश राजभर (26 वर्ष): निवासी लालमाटी, घमापुर, जबलपुर।
भारी मात्रा में तकनीकी उपकरण जब्त
पुलिस ने मौके से सट्टा संचालन में उपयोग किए जाने वाले उपकरणों का जखीरा बरामद किया है। जब्त सामग्री में 17 मोबाइल फोन (9 की-पैड और 8 एंड्रॉयड), 01 लैपटॉप, वाई-फाई राउटर, कॉल रिसीवर पेटी, वॉयस रिकॉर्डर, इन्वर्टर-बैटरी, सट्टा हिसाब का रजिस्टर, दो मोटरसाइकिल और नगद राशि शामिल है।
पुलिस टीम की सराहना
इस बड़ी कार्यवाही में थाना प्रभारी शफीक खान, उप निरीक्षक संजीव उईके, सउनि भुवनेश्वर वामनकर सहित आरक्षक रमेश, प्रियांश, मृदुल, पुनीत, जोगेन्द्र और जगदीश की सराहनीय भूमिका रही। पुलिस अब आरोपियों के बैंक खातों और उनसे जुड़े अन्य स्थानीय संपर्कों की गहनता से जांच कर रही है, जिससे इस नेटवर्क की अन्य कड़ियाँ भी उजागर हो सकें।










