सिमरिया में चिकन पॉक्स का हमला

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सिमरिया में चिकन पॉक्स का हमला

एक साथ 7 बच्चे बीमार, जिला स्वास्थ्य टीम ने डाला डेरा

  • संक्रमण रोकने के लिए स्कूल और हाट-बाजारों पर पाबंदी
  • प्रभावित बच्चों के ब्लड सैंपल जांच के लिए भेजे आईसीएमआर

मंडला महावीर न्यूज 29. मंडला जिले के नारायणगंज बबलिया क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम सिमरिया में सात बच्चों में चिकन पॉक्स (छोटी माता) के लक्षण मिलने से हड़कंप मच गया है। प्राथमिक शाला के शिक्षक सूरज सिंह पंद्राम की सजगता से इस बीमारी का खुलासा हुआ, जिसके बाद जिला और ब्लॉक स्तर की स्वास्थ्य टीमों ने तत्काल गांव पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और प्रभावित बच्चों के उपचार की प्रक्रिया शुरू की।ग्राम सिमरिया के प्राथमिक शाला शिक्षक सूरज सिंह पंद्राम ने देखा कि स्कूल आने वाले कुछ बच्चों को तेज बुखार के साथ शरीर पर फोड़े-फुंसी हो रहे हैं। उन्होंने इसकी सूचना तत्काल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बबलिया के डॉ. सुरेंद्र सिंह को दी। जांच के बाद डॉ. सुरेन्द्र सिंह ने इसे चिकन पॉक्स होने की पुष्टि की और वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया।

जिला टीम ने लिए ब्लड सैंपल 

मामले की गंभीरता को देखते हुए सीएमएचओ मंडला के निर्देश पर जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. वायके झारिया, एपिडेमोलॉजिस्ट डॉ. आरपी वर्मा, नारायणगंज से फार्मासिस्ट कमलेश सिंह, बबलिया से एमपीडब्ल्यू लखन परस्ते, एएनएम द्रोप्ती उद्दे सहित स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम सिमरिया पहुंची। टीम ने बीमार बच्चों जिसमें कुमारी सविता, निधि, पुष्पराज, राकेश और अंश सहित सात मरीजों की जांच की और उनके खून के नमूने लेकर विस्तृत जांच हेतु आईसीएमआर (भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद) भेजे हैं।

संक्रमण रोकने दिए कड़े निर्देश 

मेडिकल ऑफिसर डॉ. सुरेंद्र सिंह ने ग्रामीणों को सलाह दी है कि यह एक संक्रामक बीमारी है, जो छूने और संपर्क में आने से फैलती है। प्रशासन ने एहतियाती बरतने के निर्देश दिए है। उन्होंने कहां कि ग्रामीण एक-दूसरे के घर जाने से बचें और बीमार बच्चों को अलग कमरे में रखें। साप्ताहिक हाट-बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर जाने से परहेज करें ताकि संक्रमण गांव से बाहर न फैले। प्रभावित प्राथमिक शाला और आसपास के स्कूलों में बच्चों को एक साथ न बैठाने के निर्देश दिए गए हैं।

अतिरिक्त मेडिकल टीम की मांग 

क्षेत्र में फैलती बीमारी को देखते हुए ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बबलिया में दवाइयों का पर्याप्त स्टॉक सुनिश्चित किया जाए और कर्मचारियों की एक अतिरिक्त टीम तैनात की जाए, जिससे समय रहते बीमारी की रोकथाम की जा सके। शिक्षक पंद्राम ने बताया कि बच्चों को शुरू में एक-दो दिन बुखार आता है और फिर शरीर पर दाने निकलने लगते हैं, जो स्पष्ट रूप से चिकन पॉक्स के लक्षण हैं।



 

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