नैनपुर बीईओ कार्यालय का ₹33 लाख का घोटाला उजागर
मुख्य आरोपी लेखापाल और पूर्व बीईओ गिरफ्तार
- मुर्दों के नाम पर भी निकाला पैसा
- ई-पेमेंट सिस्टम में सेंध लगाकर परिवार के खातों में ट्रांसफर की सरकारी राशि
मंडला महावीर न्यूज 29. विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) कार्यालय नैनपुर में हुए 33 लाख 61 हजार रुपये के बहुचर्चित गबन मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। लंबे समय से फरार चल रहे मुख्य आरोपी लेखापाल सुरेश कुमार तिवारी और तत्कालीन बीईओ छोटेलाल पटेल को नैनपुर पुलिस ने 28 मार्च 2026 को गिरफ्तार कर लिया है।

शातिराना तरीके से किया गबन
जांच में खुलासा हुआ है कि यह घोटाला वर्ष 2018 से 2022 के बीच बेहद सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया गया। आरोपी लेखापाल ने ट्रेजरी (कोषालय) की ई-भुगतान प्रणाली का दुरुपयोग करते हुए सातवें वेतनमान के एरियर और स्थानांतरित शिक्षकों के वेतन में भारी हेरफेर की। सबसे शर्मनाक बात यह सामने आई कि आरोपियों ने सेवानिवृत्त और यहाँ तक कि मृत कर्मचारियों के नाम पर भी फर्जी भुगतान सरकारी खजाने से निकाल लिए।
परिवार के खातों में भेजी राशि
जांच टीम के अनुसार, आरोपी ने एक ही व्यक्ति के नाम पर दो-दो बैंक खाते खुलवाए और सरकारी राशि को अपनी पत्नी, बेटी और स्वयं के खातों में ट्रांसफर कर दिया। इस फर्जीवाड़े से लगभग 65 कर्मचारियों की राशि प्रभावित हुई है। मामले का खुलासा तब हुआ जब जबलपुर से आई संयुक्त कोष एवं लेखा टीम ने तीन महीने तक गहन जांच की।
कानूनी कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए 11 अगस्त को थाना नैनपुर में एफआईआर (FIR) दर्ज की गई थी। इस मामले में लेखापाल की पत्नी और पुत्री को पूर्व में ही अग्रिम जमानत मिल चुकी है, जबकि मुख्य आरोपियों को अब जेल भेजा जा रहा है। नैनपुर एसडीओपी (SDOP) मनीष राज ने कार्रवाई की पुष्टि करते हुए बताया कि आरोपियों को न्यायालय में पेश किया जाएगा।











