स्कूल के पास वेयरहाउस में मधुमक्खियों का डेरा, दहशत में छात्र और ग्रामीण
- निवास की घटना से नहीं लिया सबक
- खिड़की-दरवाजे बंद कर परीक्षा देने को मजबूर मासूम
मंडला महावीर न्यूज 29. जिले के निवास क्षेत्र में हाल ही में मधुमक्खियों के हमले में छात्रों के घायल होने की गंभीर घटना के बावजूद शिक्षा विभाग और स्थानीय प्रशासन गहरी नींद में सोया हुआ है। ताजा मामला नारायणगंज विकासखंड के अंतर्गत ग्राम टिकरिया का है, जहाँ माध्यमिक शाला के ठीक सामने स्थित एक वेयरहाउस में मधुमक्खियों ने विशाल छत्ता बना लिया है। इसके चलते स्कूल में पढऩे वाले बच्चों और ग्रामीणों के सिर पर हर वक्त खतरे की तलवार लटकी हुई है। शिक्षकों ने बताया कि विगत एक पखवाड़े पहले टिकरिया ग्राम पंचायत के सरपंच को इसकी सूचना दी गई, लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया गया। अब परीक्षाएं शुरू हो चुकी है। बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए मंगलवार को शिक्षकों ने नारायणगंज बीईओ को लिखित में आवेदन देकर सूचित किया है।
परीक्षा के दौरान मधुमक्खियों का हमला
ग्रामीणों ने बताया कि टिकरिया माध्यमिक शाला में वर्तमान में लगभग 250 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। सोमवार सुबह जब बच्चे स्कूल पहुँचे, तो अचानक मधुमक्खियों ने उडऩा शुरू कर दिया और कुछ छात्र-छात्राओं को काट लिया। इस अचानक हुए हमले से स्कूल परिसर में अफरा-तफरी मच गई। स्थिति इतनी भयावह हो गई कि शाला प्रबंधन को सुरक्षा की दृष्टि से कमरों के खिड़की और दरवाजे पूरी तरह बंद करने पड़े। बंद कमरों और उमस के बीच ही बच्चों को अपनी वार्षिक परीक्षा देनी पड़ी।
प्रशासनिक अनदेखी पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा
स्थानीय ग्रामीणों ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि वेयरहाउस में लगा यह छत्ता काफी समय से मौजूद है, लेकिन इसे हटाने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए। निवास की घटना में कई बच्चे घायल हुए थे, उसके बाद भी शिक्षा विभाग ने जिले के अन्य स्कूलों की सुरक्षा ऑडिट नहीं कराई। ग्रामीणों का कहना है कि मधुमक्खियां कभी भी हिंसक हो सकती हैं और यदि समय रहते छत्ते को नहीं हटाया गया, तो यहाँ भी निवास जैसी बड़ी अनहोनी घट सकती है।
शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल
स्कूल के ठीक सामने इस तरह का खतरा होने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों की चुप्पी सवालिया निशान खड़े करती है। ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि स्कूल के किसी भी बच्चे या स्टाफ के साथ कोई अप्रिय घटना घटती है, तो इसकी संपूर्ण जवाबदारी शिक्षा विभाग और संबंधित वेयरहाउस प्रबंधन की होगी। अभिभावकों ने कलेक्टर और जिला शिक्षा अधिकारी से मांग की है कि परीक्षा के इस संवेदनशील समय में बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और विशेषज्ञों की मदद से तत्काल इस छत्ते को हटवाया जाए।











