नैनपुर में बोर्ड परीक्षाओं का मूल्यांकन कार्य ठप
मानदेय न मिलने से आक्रोशित शिक्षकों ने किया सामूहिक बहिष्कार
- पिछले 4 वर्षों से भुगतान का इंतजार
- शिक्षकों ने घेरा मूल्यांकन केंद्र
- जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
मंडला महावीर न्यूज 29. प्रदेश भर में कक्षा पांचवीं और आठवीं की बोर्ड परीक्षाओं के बाद उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन का कार्य प्रारंभ हो चुका है, लेकिन नैनपुर ब्लॉक में यह प्रक्रिया पूरी तरह ठप पड़ गई है। पिछले 3-4 वर्षों से मूल्यांकन कार्य का मानदेय न मिलने से नाराज शिक्षकों ने एकजुट होकर कार्य का सामूहिक बहिष्कार कर दिया है।
जिला शिक्षा अधिकारी एवं जनजातीय कार्य विभाग मंडला के आदेश के तहत नैनपुर के उत्कृष्ट विद्यालय में 6 मार्च से मूल्यांकन कार्य शुरू होना था। आदेश के पालन में शिक्षक केंद्र पर उपस्थित तो हुए, लेकिन पिछले कई वर्षों का मानदेय बकाया होने के विरोध में उन्होंने कार्य करने से साफ इनकार कर दिया।
अधिकारियों के गोलमोल जवाब से बढ़ा आक्रोश
बहिष्कार के दौरान मुख्य मूल्यांकनकर्ताओं ने डीपीसी, एपीसी और बीआरसी सहित जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के परीक्षा प्रभारियों से फोन पर चर्चा की। शिक्षकों का आरोप है कि किसी भी अधिकारी ने संतोषजनक जवाब देने के बजाय एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालकर पल्ला झाडऩे का प्रयास किया।
ज्ञापन सौंपकर रखी अपनी मांग
शिक्षकों ने जनपद शिक्षा केंद्र नैनपुर के बीएसी और मूल्यांकन केंद्र प्रभारी को इस संबंध में ज्ञापन सौंपा है। शिक्षकों ने स्पष्ट किया है कि जब तक पिछले वर्षों के लंबित मानदेय भुगतान का लिखित आश्वासन नहीं मिल जाता, तब तक वे मूल्यांकन कार्य शुरू नहीं करेंगे।
प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल
राज्य शासन से राशि जारी होने के बावजूद शिक्षकों को भुगतान न होना जिला प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। अब देखना यह होगा कि बोर्ड परीक्षा जैसे महत्वपूर्ण कार्य में आ रहे इस गतिरोध को दूर करने के लिए प्रशासन जिम्मेदार अधिकारियों पर क्या कार्रवाई करता है।










