सहायक आयुक्त की गैरमौजूदगी पर भड़के कर्मचारी संगठन

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सहायक आयुक्त की गैरमौजूदगी पर भड़के कर्मचारी संगठन

  • परामर्शदात्री समिति की बैठक का सामूहिक बहिष्कार
  • जनजातीय कार्य विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
  • संगठनों का आरोप, सिर्फ औपचारिकता पूरी कर रहा विभाग

मंडला महावीर न्यूज 29. जिला कलेक्टर सोमेश मिश्रा के कड़े निर्देशों के बाद जनजातीय कार्य विभाग मंडला में वर्षों बाद विभागीय परामर्शदात्री समिति की बैठक आयोजित की गई थी, लेकिन विभाग प्रमुख सहायक आयुक्त की अनुपस्थिति और अव्यवस्थित प्रबंधन के चलते यह बैठक हंगामे की भेंट चढ़ गई। जिले के लगभग 12 प्रमुख संगठनों के जिलाध्यक्षों ने एकजुट होकर बैठक का बहिष्कार कर दिया और बिना चर्चा के ही बाहर निकल गए।

बताया गया कि बैठक में उपस्थित सहायक आयुक्त कार्यालय के मंडल संयोजक विष्णु सिंगौर के समक्ष कर्मचारी अधिकारी संयुक्त मोर्चा के जिलाध्यक्ष केडी दुबे ने तीखी आपत्ति दर्ज कराई। उन्होंने कहा कि विभाग प्रमुख की अनुपस्थिति में इस बैठक का कोई संवैधानिक औचित्य नहीं है। साथ ही, शनिवार को आदेश जारी कर सोमवार को बैठक रख देना विभाग की जल्दबाजी और तानाशाही को दर्शाता है।

संगठनों के नाम गायब होने पर मचा बवाल 

अपाक्स जिलाध्यक्ष संजीव सोनी ने विभाग की कार्यप्रणाली को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि बैठक के मूल आदेश में अपाक्स, अजाक्स और सपाक्स जैसे मान्यता प्राप्त संगठनों के नाम तक शामिल नहीं थे। बार-बार आपत्ति दर्ज कराने और संशोधन के बावजूद अपाक्स का नाम जानबूझकर छोडऩे का प्रयास किया गया, जो विभाग की लापरवाही को उजागर करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि विभाग शिक्षकों की समस्याओं को सुलझाने के बजाय केवल कागजी खानापूर्ति कर रहा है।

पेंशनर्स की अनदेखी बर्दाश्त नहीं 

वरिष्ठ पेंशनर्स एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष बीके राय ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि यदि सहायक आयुक्त को किसी अनिवार्य कार्य से बाहर जाना था, तो बैठक निरस्त करने की सूचना पूर्व में देनी चाहिए थी। बिना अध्यक्ष के परामर्शदात्री समिति की बैठक का कोई महत्व नहीं है। संगठनों ने मांग की है कि आगामी दिनों में इस बैठक को पुन: व्यवस्थित तरीके से आयोजित किया जाए।

इन संगठनों ने किया बहिष्कार 

बैठक का बहिष्कार करने वालों में मध्य प्रदेश शिक्षक संघ, ट्राईबल वेलफेयर टीचर्स एसोसिएशन, राज्य कर्मचारी संघ, तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ, शिक्षक कांग्रेस, अजाक्स, अपाक्स, लघु वेतन कर्मचारी संघ और वरिष्ठ पेंशनर्स एसोसिएशन सहित अन्य संगठनों के दिग्गज पदाधिकारी शामिल थे। प्रमुख रूप से विवेक शुक्ला, दिलीप मरावी, सुभाष चंद्र चतुर्वेदी, सतीश मिश्रा, गजराज सिंह मरावी, संजीव सोनी और सतीश चंद्रौल सहित दर्जनों पदाधिकारियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई लेकिन किसी भी प्रकार का ज्ञापन सौंपने से इनकार कर दिया।



 

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