घर में घुसकर हत्या करने वाले मां-बेटे को उम्रकैद
- अदालत ने सुनाया फैसला
- महाराजपुर पुलिस की पुख्ता विवेचना से आरोपियों को मिली सजा
- आजीवन कारावास के साथ अर्थदंड
मंडला महावीर न्यूज 29. माननीय प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश मंडला के न्यायालय द्वारा हत्या के एक गंभीर मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए दो आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने ग्राम पलेहरा निवासी मां और बेटे को घर में घुसकर हत्या करने का दोषी पाते हुए जेल की सलाखों के पीछे भेज दिया है।
अभियोजन के अनुसार घटना विगत 20 अगस्त 2023 की है। ग्राम पलेहरा खेरमाई टोला निवासी अखिलेश धुर्वे 28 वर्ष और उसकी मां कत्तोबाई 50 वर्ष ने एक राय होकर पुरानी रंजिश के चलते जगत मार्को के घर में प्रवेश किया। आरोपियों ने जान से मारने की नीयत से जगत मार्को पर डंडों और लात-मुक्कों से जानलेवा हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया था। अगले दिन 21 अगस्त को जब परिजन घायल जगत को जिला अस्पताल मंडला लेकर पहुंचे, तो डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। महाराजपुर पुलिस ने मर्ग जांच के बाद आरोपियों के विरुद्ध धारा 302, 450 और 34 के तहत मामला दर्ज किया था।
घटना स्थल का किया सूक्ष्म निरीक्षण
विवेचना के दौरान उपनिरीक्षक जसवंत सिंह राजपूत और उनकी टीम ने घटना स्थल का सूक्ष्म निरीक्षण किया। पुलिस ने गवाहों के धारा 164 के तहत बयान दर्ज कराए और एफएसएल टीम की मदद से वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए। आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद उनके मेमोरेंडम कथन लिए गए, जिसमें उन्होंने मृतक के घर में घुसकर हत्या करना स्वीकार किया। पुख्ता सबूतों के आधार पर पुलिस ने न्यायालय में अभियोग पत्र पेश किया।
न्यायालय का फैसला
विचारण के दौरान अभियोजन की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों और तर्कों से सहमत होते हुए माननीय न्यायाधीश ने दोनों आरोपियों अखिलेश धुर्वे और कत्तोबाई को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई, इसके साथ ही दो हजार रूपए का अर्थदण्ड भी लगाया गया। प्रकरण में शासन की ओर से सशक्त पैरवी अपर लोक अभियोजक ब्रजेश चौरसिया द्वारा की गई। इस फैसले से अपराधियों में कानून का खौफ पैदा होगा और पीडि़त पक्ष को न्याय मिला है।










