शहर से दूर चटुआमार में कलेक्ट्रेट ले जाने पर भड़के अधिवक्ता

मंडला कलेक्ट्रेट के विस्थापन का कड़ा विरोध

अधिवक्ता संघ ने सौंपा ज्ञापन, दी जन आंदोलन की चेतावनी

  • शहर से दूर चटुआमार में कलेक्ट्रेट ले जाने पर भड़के अधिवक्ता
  • आम जनता पर बढ़ेगा अतिरिक्त आर्थिक बोझ
  • कलेक्ट्रेट भवन के स्थानांतरण प्रस्ताव से जनमानस में आक्रोश
  • अधिवक्ता संघ ने वैकल्पिक स्थानों का दिया सुझाव

मंडला महावीर न्यूज 29. जिला मुख्यालय मंडला के नवीन कलेक्ट्रेट एवं जिला दंडाधिकारी कार्यालय भवन को शहर से दूर ग्राम पंचायत चटुआमार में प्रस्तावित किए जाने के निर्णय का व्यापक विरोध शुरू हो गया है। मंडला जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष एड. रामेश्वर झारिया के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने क्षेत्रीय सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते के नाम उनके प्रतिनिधि को ज्ञापन सौंपकर इस निर्णय को जनहित में निरस्त करने की मांग की है।अधिवक्ता संघ ने ज्ञापन में उल्लेख किया है कि मंडला शहर में पर्याप्त शासकीय भूमि उपलब्ध होने के बावजूद कलेक्ट्रेट और उससे जुड़े महत्वपूर्ण विभागों न्यायालय, कोषालय, खनिज शाखा, खाद्य विभाग आदि को शहर से दूर हाईवे किनारे विस्थापित करने से आम नागरिकों को भारी असुविधा होगी। इससे पक्षकारों और अधिवक्ताओं पर अतिरिक्त यात्रा व्यय और समय का बोझ बढ़ेगा, जिससे सुलभ एवं सस्ता न्याय मिलना कठिन हो जाएगा, इसके साथ ही हाईवे पर आवाजाही से जान-माल का खतरा बढऩे की आशंका भी बढ़ जाएगी।

अधिवक्ता संघ द्वारा सुझाए गए वैकल्पिक स्थान 

अधिवक्ता संघ ने शहर के भीतर ही नवीन भवन निर्माण के लिए 5 प्रमुख विकल्पों का सुझाव दिया है। अधिवक्ता संघ का कहना है कि नेहरू स्मारक स्थित पुराने पीडब्ल्यूडी की भूमि। ज्ञानदीप स्कूल के सामने स्थित शासकीय भूमि। वर्तमान जिला खनिज और महिला बाल विकास की पुरानी बिल्डिंग का स्थान। उच्च न्यायालय की उद्यानिकी विभाग की भूमि। महाराजपुर स्थित ठक्कर बापा परिसर के पास की भूमि।

जन आंदोलन की चेतावनी 

अधिवक्ता संघ और व्यापारी संगठनों ने स्पष्ट किया है कि यदि जन भावनाओं को दरकिनार कर कलेक्ट्रेट को दूरस्थ स्थान चटुआमार पर ले जाने का निर्णय नहीं बदला गया, तो अधिवक्ता समुदाय और आम नागरिक मिलकर उग्र जन आंदोलन के लिए विवश होंगे।



 

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