मित्रता की मिसाल, सुदामा चरित्र सुन भाव-विभोर हुए श्रद्धालु

मित्रता की मिसाल, सुदामा चरित्र सुन भाव-विभोर हुए श्रद्धालु

  • जिलेहटा में भागवत कथा का समापन
  • कृष्ण-सुदामा मिलन देख छलकीं भक्तों की आँखें
  • आज महायज्ञ की पूर्णाहुति और विशाल भंडारे का होगा आयोजन

मंडला महावीर न्यूज 29. ग्राम जिलेहटा में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का समापन गुरुवार को सुदामा चरित्र के मर्मस्पर्शी प्रसंग के साथ हुआ। कथा व्यास आचार्य उदय प्रकाश पाण्डेय नदावन कटनी वाले ने जब भगवान श्रीकृष्ण और उनके दरिद्र सखा सुदामा की नि:स्वार्थ मित्रता का वर्णन किया, तो पूरा पंडाल भक्ति और करुणा के भाव में डूब गया।कथा प्रसंग सुनाते हुए आचार्य जी ने कहा कि मित्रता हो तो कृष्ण और सुदामा जैसी, जहाँ न अमीरी का अहंकार था और न गरीबी का संकोच। उन्होंने आज के दौर की स्वार्थपूर्ण मित्रता पर प्रहार करते हुए कहा कि सच्चा मित्र वही है जो बिना बताए अपने मित्र के दुखों को समझ ले और मदद के लिए हाथ बढ़ा दे।

नंगे पाँव दौड़े आए द्वारकाधीश 

कथा के दौरान जब सुदामा के द्वारका पहुँचने और भगवान कृष्ण के नंगे पाँव अपने सखा को गले लगाने का दृश्य वर्णित किया गया, तो श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। आचार्य जी ने बताया कि भगवान केवल प्रेम और अटूट विश्वास के भूखे हैं। सुदामा की दीन-हीन दशा देखकर भगवान ने स्वयं अपने अश्रुओं से उनके पाँव धोए, जो अटूट प्रेम का सर्वोच्च उदाहरण है।

आज होगा हवन और भंडारा 

यज्ञ आचार्य रमाकांत शास्त्री ने बताया कि शुक्रवार सुबह 8 बजे से विधि-विधान के साथ यज्ञ की पूर्णाहुति की जाएगी। इसके बाद कन्या भोज और विशाल भंडारे का आयोजन होगा, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। कथा के अंतिम दिन समापन अवसर पर आरती के बाद सभी भक्तों को विशेष प्रसाद का वितरण किया गया। इस अवसर पर आयोजन समिति और समस्त ग्रामवासियों ने कथा व्यास का सम्मान करते हुए क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की।



 

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