डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप, गर्भ में ही नवजात की मौत

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मंडला जिला अस्पताल में हंगामा

  • डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप, गर्भ में ही नवजात की मौत
  • समय पर नहीं हुआ इलाज, तड़पती रही गर्भवती
  • परिजनों ने अस्पताल प्रशासन के खिलाफ खोला मोर्चा, कार्रवाई की मांग

मंडला महावीर न्यूज 29. जिला मुख्यालय स्थित जिला अस्पताल एक बार फिर विवादों के घेरे में है। इलाज में कथित लापरवाही के चलते एक गर्भवती महिला के बच्चे की गर्भ में ही मौत हो गई, जिसके बाद आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया। परिजनों का सीधा आरोप है कि डॉक्टरों की संवेदनहीनता और समय पर जांच न होने के कारण उन्होंने अपना बच्चा खो दिया है।परिजनों ने बताया कि गर्भवती महिला को सुबह नियमित चेकअप और प्रसव संबंधी परामर्श के लिए जिला अस्पताल लाया गया था। आरोप है कि सुबह से लेकर शाम तक महिला अस्पताल में ही रही, लेकिन ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टरों या स्टाफ ने उसकी स्थिति को गंभीरता से नहीं लिया। परिजनों का कहना है कि उन्होंने बार-बार जांच की गुहार लगाई, लेकिन न तो समय पर अल्ट्रासाउंड किया गया और न ही बच्चे की हार्टबीट चेक की गई।

शाम को मिली मौत की खबर 

दिन भर की अनदेखी के बाद जब शाम को आखिरकार बच्चे की हार्टबीट चेक की गई, तो डॉक्टरों ने बताया कि बच्चे की गर्भ में ही मौत हो चुकी है। यह सुनते ही परिजनों का सब्र टूट गया। उनका कहना है कि अगर सुबह ही सही समय पर जांच कर उपचार शुरू कर दिया जाता या समय रहते धड़कन चेक कर ली जाती, तो बच्चे की जान बचाई जा सकती थी।

अस्पताल में रहा तनाव का माहौल 

घटना से आक्रोशित परिजनों और उनके परिचितों ने अस्पताल के गलियारों में जोरदार नारेबाजी की और जिम्मेदार डॉक्टरों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की। हंगामे की सूचना मिलते ही अस्पताल परिसर में तनाव की स्थिति बन गई। परिजनों का आरोप है कि जिला अस्पताल में गरीब मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।

प्रशासनिक प्रतिक्रिया का इंतजार 

फिलहाल अस्पताल प्रबंधन इस मामले में चुप्पी साधे हुए है। मौके पर तनाव को देखते हुए पुलिस को भी सूचित किया गया है। परिजनों ने चेतावनी दी है कि जब तक दोषी स्टाफ पर कार्यवाही नहीं होती, वे पीछे नहीं हटेंगे।

इनका कहना है

विवेक सिधिंया की पत्नि गर्भवती थी, जिसे नियमित चैकअप के लिए सुबह लाया गया था, जिन्हें डॉ. मालती उइके देख रही है। सुबह भी डॉक्टर को दिखाया था और तीन दिन पहले भी इन्हें दिखाया था, जहां डॉक्टर ने कहां था कि सब कुछ ठीक है, लेकिन शाम को जब जांच की गई तो अस्पताल स्टाफ ने कहां कि बच्चा गर्भ में ही खत्म हो गया है। अस्पताल की लापरवाही के कारण एक बच्चे की गर्भ में मौत हो गई। इस मामले की जांच कर सख्त कार्रवाई की जाए।
परिजन

 

सुबह से ही अस्पताल स्टाफ द्वारा लापरवाही की जा रही है, अस्पताल स्टाफ परिजनों पर उल्टा आरोप लगा रहे है कि हमारी लापरवाही है, जबकि इनके द्वारा लापरवाही बरती गई है। अवकाश होने के कारण चिकित्सक नहीं थे, डॉक्टर आई थी सिर्फ सीजर करने के लिए, हमारे मरीज को उन्होंने देखा नहीं।

 

परिजन


 


 

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