नेत्र उपचार के लिए संकल्पित मंडला
- लक्ष्य से दोगुने बुजुर्गों और बच्चों को मिले नि:शुल्क चश्मे
- शिशु से वयोवृद्ध तक की आंखों का रखा जा रहा ख्याल
- मंडला में नेत्र स्वास्थ्य सेवाओं ने गाड़े सफलता के झंडे
- लक्ष्य से अधिक सफलता, चश्मा वितरण में रचा इतिहास
मंडला महावीर न्यूज 29. मंडला जिला नेत्र स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। जिले में नवजात शिशुओं से लेकर बुजुर्गों तक के लिए व्यापक स्तर पर नि:शुल्क नेत्र जांच और उपचार अभियान चलाया जा रहा है। उप जिला कार्यक्रम प्रबंधक एवं वरिष्ठ नेत्र चिकित्सा सहायक हीरानंद चंद्रवंशी ने बताया कि जिला कलेक्टर और सीएमएचओ के कुशल मार्गदर्शन में इस वित्तीय वर्ष में अप्रैल से 20 दिसंबर तक विभाग ने निर्धारित लक्ष्यों को पीछे छोड़ते हुए शानदार प्रदर्शन किया है।
बताया गया कि इस अभियान में स्कूलों के लिए मिले लक्ष्य से अधिक चश्में वितरित किये गए है। जिसमें 2000 के लक्ष्य के विरुद्ध 3203 दृष्टि दोष से पीडि़त बच्चों को नि:शुल्क चश्मे वितरित किए गए। वहीं बुजुर्गो को वितरित करने वाले चश्मों की भी संख्या अधिक है। जिसमें 1500 के लक्ष्य के विरुद्ध 3402 बुजुर्गों को चश्मे प्रदान कर उन्हें नई दृष्टि दी गई।
बताया गया कि समय से पूर्व जन्म लेने वाले और कम वजन वाले 13 नवजात शिशुओं की आरओपी जांच की गई, जिससे उनके अल्प विकसित रेटिना का समय पर उपचार किया जा सके। इसके साथ ही 18 बच्चों के जन्मजात और चोट जनित मोतियाबिंद के जटिल ऑपरेशन सफलतापूर्वक संपन्न किए गए।
मोतियाबिंद और काला मोतिया पर प्रहार
जिले में अब तक 7503 व्यक्तियों के आंखों के प्रेशर की जांच की गई, जिसमें 21 काला मोतिया के मरीजों की पहचान कर उनका उपचार शुरू किया गया। मोतियाबिंद उन्मूलन के तहत 1880 के वार्षिक लक्ष्य के विरुद्ध अब तक 1230 सफल ऑपरेशन किए जा चुके हैं। इस सफलता में जबलपुर के नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. तरुण अहरवाल एवं उनकी टीम का विशेष तकनीकी योगदान रहा। मरीजों को अस्पताल तक लाने के लिए रमोला देवी नि:शुल्क एम्बुलेंस, 108 सेवा, चुटका परियोजना की बस और रेडक्रॉस सोसायटी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
व्यवस्थाओं का लिया जायजा
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. डीजे मोहंती ने स्वयं मरीजों से संपर्क कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य जिले में उच्च स्तरीय नेत्र चिकित्सा व्यवस्थाएं सुनिश्चित करना है और भविष्य में सुविधाओं को और बेहतर बनाने के प्रयास निरंतर जारी रहेंगे।










