मातृ एवं शिशु मृत्यु दर कम करने की कवायद

मातृ एवं शिशु मृत्यु दर कम करने की कवायद

  • नारायणगंज सीएचसी में गर्भवती महिलाओं के लिए विशेष शिविर आयोजित
  • सुरक्षित प्रसव और स्वस्थ शिशु के लिए पहल
  • नारायणगंज में नि:शुल्क स्वास्थ्य परीक्षण

मंडला महावीर न्यूज 29. मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम करने और सुरक्षित प्रसव को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नारायणगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व दिवस शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों की गर्भवती महिलाओं को एक ही छत के नीचे गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य जांच, विशेषज्ञ परामर्श और आवश्यक नैदानिक सेवाएं नि:शुल्क प्रदान की गईं।शिविर का मुख्य लक्ष्य प्रसव पूर्व देखभाल की गुणवत्ता में सुधार करना और ऐसी महिलाओं की पहचान करना है, जिनकी गर्भावस्था हाईरिस्क की श्रेणी में आती है। शिविर के दौरान अनुभवी चिकित्सकों द्वारा गर्भवती महिलाओं का शारीरिक परीक्षण किया गया। स्वास्थ्य केंद्र में आधुनिक लैब सुविधाओं के माध्यम से महिलाओं की आवश्यक जांचें की गईं, जिनमें मुख्य रूप से हिमोग्लोबिन, ब्लड शुगर, एचआईवी, यूरिन प्रोटीन और एल्बुमिन की जांच शामिल थी। वर्तमान समय में जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों को देखते हुए, इस बार गर्भवती महिलाओं में डायबिटीज की जांच प्रमुखता से की गई।

उच्च जोखिम वाली महिलाओं की पहचान अनिवार्य 

नारायणगंज बीएमओ डॉ. अमृत लाल कोल ने शिविर के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इस अभियान का सबसे बड़ा लाभ यह है कि प्रसव से पहले ही हाईरिस्क मामलों की पहचान हो जाती है। यदि किसी महिला में गंभीर एनीमिया, हाई ब्लड प्रेशर या अन्य जटिलताएं पाई जाती हैं, तो उन्हें उच्च जोखिम गर्भावस्था के रूप में चिन्हित किया जाता है। ऐसी महिलाओं का प्रसव होने तक विशेष ध्यान रखा जाता है और उनकी नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाती है।

हर माह की 9 व 25 तारीख को लगता है शिविर 

सीएमएचओ डॉ. डीजे मोहंती ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों में हर महीने की 9 व 25 तारीख को यह शिविर आयोजित किया जाता है। यदि 9 व 25 तारीख को कोई शासकीय अवकाश होता है, तो अगले कार्य दिवस पर शिविर लगाया जाता है। उन्होंने बताया कि जांच के दौरान यदि किसी महिला के गर्भाशय में कोई समस्या या भू्रण में असामान्यता पाई जाती है, तो उसे तुरंत उच्च स्तरीय स्वास्थ्य केंद्र या जिला अस्पताल रेफर किया जाता है, जिससे प्रसव के समय जच्चा-बच्चा दोनों सुरक्षित रहें।

नि:शुल्क सुविधाओं का लाभ उठाने की अपील 

शिविर में उपस्थित स्वास्थ्य कर्मियों ने बताया कि इस अभियान के तहत दी जाने वाली सभी सेवाएं, दवाइयां और जांचें पूरी तरह से नि:शुल्क हैं। सरकार की इस योजना का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की महिलाओं को भी बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें। शिविर के अंत में महिलाओं को पोषण आहार और प्रसव के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में भी विस्तार से समझाया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में गर्भवती महिलाएं, आशा कार्यकर्ता और स्वास्थ्य विभाग का स्टाफ मौजूद रहा।


 

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