कायाकल्प अवार्ड की दौड़ में जिला अस्पताल और बीजाडांडी सीएचसी, विशेषज्ञों की टीम ने परखीं सुविधाएं
- अस्पताल के वार्डों से लेकर लैब तक का हुआ गहन निरीक्षण
- बीजाडांडी के स्वास्थ्य टीम की सराहना
- दी जाने वाली स्वास्थ्य सेवाओं का बारीकी से किया अवलोकन
मंडला महावीर न्यूज 29. सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं में गुणवत्ता को देखते हुए भारत सरकार ने उच्च स्तर की स्वच्छता प्रदर्शित करने वाली सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं को कायाकल्प पुरस्कार देने की पहल की है। जिससे सरकारी स्वास्थ्य केन्द्रों में आने वाले मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सके। इसी उद्देश्य से बीजाडांडी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र और जिला चिकित्सालय मंडला में कायाकल्प पीयर असेसमेंट किया गया।
जानकारी अनुसार सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बीजाडांडी और जिला चिकित्सालय मंडला का कायाकल्प अभियान के तहत पियर असेसमेंट असेसर डॉ. अरूणेन्द्र मूर्ति गौतम और डॉ. मनोज उरेती द्वारा किया गया। पीयर असेसमेंट असेसर ने जिला अस्पताल और सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बीजाडांडी के समस्त वार्ड, विभागों का गंभीरता से गहन निरीक्षण कर मूल्यांकन किया। जिसमें कायाकल्प के मापदंडों के अनुरूप संक्रमण नियंत्रण एवं जैव अपशिष्ट प्रबंधन, मरीजों को दी जा रही स्वास्थ्य सेवाओं, दवा स्टोर रूम, संबंधित रिकार्ड की जानकारी को गंभीरता से अवलोकन किया।
बताया गया कि सीएचसी बीजाडांडी और जिला अस्पताल में कायाकल्प पियर असेसमेंट के दौरान अस्पताल परिसर, अस्पताल के ओपीडी, आईपीडी, दवा वितरण केन्द्र, पैथोलॉजी, ओटी, लेवर रूम, सफाई कक्ष, एनआरसी, एक्सीडेंटल इमरजेंसी के साथ विभिन्न वार्ड, विभाग का मूल्यांकन किया गया एवं सुधारात्मक सुझाव दिए गए। सीएचसी बीजाडांडी में मूल्यांकन के दौरान असेसर डॉ. अरूणेन्द्र मूर्ति गौतम और डॉ. मनोज उरेती, बीएमओ डॉ. अभयकीर्ति गजभीये, डीक्यूएम मंडला शरद मेश्राम, एमओ डॉ. अक्षय हरदहा, डॉ. दिनेश गौर, बीईई सुहागा झारिया, बीपीएम तपन गजभीये, एमपीडब्ल्यू राकेश कुमार विश्वकर्मा, सुपरवाईजर कमलेश मरावी, बीसीएम राहुल चंद्रौल, फार्मासिस्ट नितिन साहू, रविशंकर दुबे, नर्सिंग ऑफीसर मीना तिवारी, रश्मि परस्ते, कविता बघेल, मीनाक्षी चिचखेड़े, राशि उइके, साध्वी पटेल, नेहा सोनी, ज्योति यादव, रेवती मार्को, तरूण संत, धनेश, भगवानदास, सोनू, नेहा समेत स्टाफ मौजूद रहे।
सफाई कक्ष को सराहा
कायाकल्प के पियर असेसमेंट में लेब कक्ष का निरीक्षण किया गया। असेसर डॉ. अरूणेन्द्र मूर्ति गौतम और डॉ. मनोज उरेती ने लैब की व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए लैब कर्मचारियों से लैब के संबंध में विस्तार से जानकारी ली और रिकार्ड की जांच की। इसके साथ ही लेब टेक्निशियनों से लैब में होने वाले कार्यो का प्रैक्टिकल भी कराकर देखा। असेसमेंट के दौरान असेसर द्वारा विभिन्न वार्डो का अवलोकन करते हुए सफाई कक्ष पहुंचे। जहां उन्होंने सफाई कक्ष को अंदर से जाकर देखा। सफाई कक्ष में उन्हें अन्य स्वास्थ्य केन्द्रों से बेहतर व्यवस्थित कक्ष मिला। सफाई कक्ष का जो समान जहां होना चाहिए, वह सभी चीजें व्यवस्थित मिली। जिसकी सराहना की। इसके साथ ही इससे संबंधित कुछ सुझाव भी दिए।
इन कसौटी में कसे जाते है स्वास्थ्य केन्द्र
बताया गया कि कायाकल्प अवॉर्ड योजना के तहत प्रथम आकलन स्वयं स्वास्थ्य केन्द्र स्तर से होता है। दूसरे आकलन के लिए बाहरी जनपदों के चिकित्सकों की टीम आती है और तीसरा आकलन राज्य स्तरीय टीम के स्तर से होता है। तीनों आकलन में अगर स्वास्थ्य केन्द्र 70 फीसदी अंक अर्जित करता है तो उसे कायाकल्प योजना के तहत चयनित कर लिया जाता है।
नर्सिंग आफीसर से ली उनके कार्य की जानकारी
सीएचसी बीजाडांडी के कायाकल्प के पियर असेसमेंट कर रहे असेसर डॉ. अरूणेन्द्र मूर्ति गौतम और डॉ. मनोज उरेती ने ड्यूटी में तैनात नर्सिंग ऑफीसर से ऑक्सीजन कंस्टेटर के रखरखाव के बारे में जाना। जिसमें नर्सिंग ऑफीसर ने बताया कि ऑक्सीजन कंस्टेटर के रखरखाव की जानकारी बताई। इसके साथ ही असेसर ने फाईव स्टेंर्डड ऑफ प्रोकॉशन की जानकारी नर्सिंग ऑफीसर से पूछी। जिसमें उन्होंने बताया कि हैंड हाईजीन, यूज ऑफ पीपीई, रेस्पीरेटरी हाईजीन, सेफ इंजेक्शन प्रेक्टीसेव, डिस्इंफेक्शन इन क्लीनिंग एवं वेस्ट मैनेजमेंट के बारे में बताया।










