मौत को मात देकर लौटा मासूम
मंडला के एसएनसीयू में 36 दिनों की जंग के बाद 900 ग्राम के नवजात को मिला नया जीवन
- वेंटिलेटर और ऑक्सीजन सपोर्ट के बाद स्वस्थ हुआ गंभीर नवजात
- परिजनों के चेहरे पर लौटी मुस्कान
मंडला महावीर न्यूज 29. जिला अस्पताल मंडला के विशेष नवजात शिशु इकाई ने एक बार फिर अपनी कार्यकुशलता और समर्पण से एक मासूम को नई जिंदगी दी है। ग्राम मोहपानी छापरटोला निवासी सुमन भवेदी के नवजात शिशु ने अस्पताल में 36 दिनों तक चले गहन उपचार के बाद सफलतापूर्वक मौत को मात दी है। सीएमएचओ डॉ. डीजे मोहंती ने बताया कि इस बच्चे का जन्म 23 नवंबर 2025 को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पिपरिया में हुआ था। जन्म के समय शिशु का वजन मात्र 900 ग्राम था और उसकी स्थिति अत्यंत गंभीर थी। सांस लेने में भारी तकलीफ के कारण उसे तत्काल जिला अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड में भर्ती किया गया।
बताया गया कि बच्चे की जान बचाने के लिए डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ ने दिन-रात एक कर दिया। उपचार के दौरान शिशु को 20 घंटे सीपीएके मशीन और 26 घंटे वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया। खून की अत्यधिक कमी होने के कारण उसे दो बार रक्त भी चढ़ाया गया। विशेषज्ञ डॉक्टरों की निरंतर निगरानी में 35 दिनों तक सघन उपचार चला।
स्वस्थ होकर घर लौटा मासूम
लंबी लड़ाई के बाद जब बच्चे का वजन बढ़कर 1 किलो 100 ग्राम हो गया, तब उसे अस्पताल से छुट्टी दी गई। सिविल सर्जन डॉ. विजय धुर्वे और एसएनसीयू इंचार्ज डॉ. अंकित चौरसिया ने बताया कि यह इकाई जिले की एकमात्र ऐसी जगह है जहाँ आधुनिक उपकरणों और विशेषज्ञों की देखरेख में निरंतर नवजात शिशुओं का सफल इलाज किया जा रहा है।
परिजनों को दी विशेष सलाह
डिस्चार्ज के समय डॉक्टरों ने मां को नवजात की देखभाल के लिए कड़े निर्देश देते हुए कहां गया कि बच्चे को संक्रमण से बचाना और बीमार व्यक्तियों से दूर रखना। नियमित फीडिंग कराना और शरीर को गर्म रखना। साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना और फिलहाल नहलाना नहीं।










