घर के दरवाजे और स्कूल की रसोई में निकला खतरनाक कोबरा नाग

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निवास के आमगांव और भलवारा में दहशत

घर के दरवाजे और स्कूल की रसोई में निकला खतरनाक ‘कोबरा’ नाग

  • सर्प मित्र ने किया रेस्क्यू
  • न्यूरोटॉक्सिन जहर वाले दो भारतीय नागों को पकड़कर सुरक्षित जंगल में छोड़ा
  • स्कूली बच्चों और ग्रामीणों को दी गई सर्पदंश से बचाव की अहम जानकारी

मंडला महावीर न्यूज 29. निवास मुख्यालय के आसपास के ग्रामीण अंचलों में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब दो अलग-अलग स्थानों पर बेहद जहरीले ‘भारतीय नाग’ (स्पेक्टेकल्ड कोबरा) दिखाई दिए। सूचना मिलने पर निवास के सर्प मित्र रंजीत ठाकुर ने तत्परता दिखाते हुए दोनों ही स्थानों पर पहुंचकर नागों का सुरक्षित रेस्क्यू (बचाव) किया। इसके बाद उन्होंने ग्रामीणों और स्कूली बच्चों को सर्पदंश से बचाव के प्रति जागरूक भी किया।

युवक के सिर के पास दिखा विशाल नाग

पहला मामला निवास मुख्यालय से करीब 8 किलोमीटर दूर ग्राम आमगांव का है। यहां एक रविदास परिवार के घर में उस समय आनन-फानन में हलचल मच गई, जब घर के दरवाजे के ऊपर एक विशाल भारतीय नाग दिखाई दिया। बताया जा रहा है कि यह नाग घर के एक युवक के सिर के बेहद करीब पहुंच गया था। घबराए परिजनों ने तत्काल सर्प मित्र रंजीत ठाकुर को सूचना दी। रंजीत ने मौके पर पहुंचकर नाग का सुरक्षित रेस्क्यू किया और ग्रामीणों को सतर्क रहने की समझाइश दी।

मिड-डे मील बनाते समय रसोई में निकला कोबरा

दूसरी घटना निवास से लगभग 15 किलोमीटर दूर ग्राम भलवारा की है। यहां शासकीय माध्यमिक शाला (भलवारा) में उस समय दहशत फैल गई, जब रसोइया बच्चों के लिए मध्याह्न भोजन बना रही थीं। रसोई घर में अचानक एक नाग दिखाई दिया। रसोइया ने घबराकर तुरंत स्कूल के शिक्षक शशांक सर को इसकी जानकारी दी। शिक्षक ने बिना समय गंवाए सर्प मित्र रंजीत ठाकुर से संपर्क किया। स्कूल पहुंचकर सर्प मित्र ने रसोई घर से इस कोबरा को सुरक्षित तरीके से निकाल लिया।

स्कूली बच्चों और ग्रामीणों को किया जागरूक

रेस्क्यू के बाद रंजीत ठाकुर ने स्कूली बच्चों और ग्रामीणों को सांपों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भारतीय नाग (स्पेक्टेकल्ड कोबरा) बेहद विषैला होता है और इसमें ‘न्यूरोटॉक्सिन’ नाम का खतरनाक जहर पाया जाता है। इसके काटने पर पीड़ित व्यक्ति की सोचने-समझने की शक्ति खत्म होने लगती है, उल्टियां आती हैं और आंखों के सामने धुंधलापन छा जाता है।

झाड़-फूंक में न पड़ें, लगवाएं एंटी स्नेक वेनम

सर्प मित्र ने लोगों को सख्त हिदायत दी कि सांप कभी भी खुद हमला नहीं करता, उसका स्वभाव केवल खुद को बचाना है। इसलिए कभी भी इन्हें खुद से पकड़ने या मारने का जोखिम (असुरक्षित कदम) न उठाएं। यदि किसी को सांप काट ले, तो घबराएं नहीं। झाड़-फूंक या घरेलू इलाज के चक्कर में समय बर्बाद किए बिना, मरीज को तुरंत नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र ले जाएं। सर्पदंश से जान बचाने का एकमात्र प्रामाणिक उपाय ‘एंटी स्नेक वेनम’ (ASV) इंजेक्शन ही है।

बाद में, पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से रेस्क्यू किए गए दोनों ही नागों को पूर्णतः स्वस्थ और सुरक्षित अवस्था में उनके योग्य प्राकृतिक आवास (जंगल) में आजाद कर दिया गया।


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