एनएच 30 पर रफ्तार का कहर
ट्रक और कमांडर में जोरदार भिड़ंत, 30 मिनट तक वाहन में फंसा रहा चालक
- शैलपुत्री एजेंसी के सामने भीषण सड़क हादसा
- नारायणगंज के दो युवक गंभीर रूप से घायल
- मेडिकल कॉलेज जबलपुर रेफर
मंडला महावीर न्यूज 29. जबलपुर-मंडला नेशनल हाईवे-30 (NH-30) पर सड़क दुर्घटनाओं का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। टिकरिया थाना क्षेत्र के अंतर्गत नारायणगंज में शैलपुत्री एजेंसी के सामने बीती रात एक तेज रफ्तार ट्रक और कमांडर वाहन के बीच जोरदार भिड़ंत हो गई। इस भीषण सड़क हादसे में कमांडर वाहन में सवार दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद जबलपुर रेफर किया गया है।
बुरी तरह पिचक गया वाहन, मशक्कत के बाद निकला चालक
जानकारी अनुसार बीती रात करीब 10 बजे यह हादसा उस वक्त हुआ जब कमांडर वाहन और ट्रक की जोरदार टक्कर हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर इतनी भीषण थी कि कमांडर वाहन के चालक की तरफ का हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त होकर पिचक गया। हादसे में चालक आकाश पुरी (उम्र 35 वर्ष, पिता जीवनलाल पुरी, निवासी मंगल भवन नारायणगंज) वाहन के अंदर ही बुरी तरह फंस गया। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस और स्थानीय लोगों ने करीब 30 मिनट की कड़ी मशक्कत के बाद गैस कटर व अन्य उपकरणों की मदद से उसे बाहर निकाला। इस दुर्घटना में वाहन में सवार दूसरा युवक आकाश सोनकर (पिता अरविंद सोनकर) भी गंभीर रूप से घायल हुआ है।

घायलों की स्थिति नाजुक, जबलपुर रेफर
हादसे के तुरंत बाद दोनों घायलों को एंबुलेंस की मदद से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) नारायणगंज पहुंचाया गया। अस्पताल में चिकित्सकों ने उनका प्राथमिक उपचार किया, लेकिन सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में आई गंभीर चोटों को देखते हुए दोनों को तत्काल बेहतर इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज, जबलपुर रेफर कर दिया। बताया जा रहा है कि इनमें से आकाश सोनकर की हालत बेहद चिंताजनक बनी हुई है।
हादसों से उठ रहे सवाल, पुलिस कर रही जांच
दुर्घटना की सूचना मिलते ही टिकरिया पुलिस ने मामले को संज्ञान में ले लिया है और दुर्घटना के असल कारणों की जांच शुरू कर दी है। दूसरी ओर, नेशनल हाईवे-30 पर लगातार हो रही इन सड़क दुर्घटनाओं ने स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है। तेज रफ्तार और लापरवाही के कारण आए दिन लोग हादसों का शिकार हो रहे हैं। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से हाईवे पर सड़क सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने और यातायात नियमों का सख्ती से पालन कराने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की दर्दनाक घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके।










