ग्राम पंचायत कजरवाड़ा में दोपहर 12.30 बजे लटका मिला ताला
जिम्मेदार नदारद, जरूरी कार्यों के लिए भटकते रहे ग्रामीण
- चपरासी ने कहा घर के काम के कारण नहीं खोलूंगा पंचायत
- मामले पर जनपद सीईओ ने जांच कर सख्त कार्रवाई का दिया भरोसा
मंडला महावीर न्यूज 29. मंडला जिले के विकासखंड नैनपुर अंतर्गत बम्हनी-बंजर क्षेत्र की ग्राम पंचायत कजरवाड़ा में पंचायत कार्यालय के संचालन में गंभीर लापरवाही बरती जा रही है। गुरुवार 5 नवंबर दोपहर लगभग 12.30 बजे जब ग्रामीण अपने जरूरी कार्यों को लेकर पंचायत कार्यालय पहुंचे, तो मुख्य दरवाजे पर ताला लटका मिला। कार्यालय में न तो कोई कर्मचारी मौजूद था और न ही ग्रामीणों की समस्याएं सुनने के लिए कोई जिम्मेदार अधिकारी वहां उपस्थित था।
कार्यालय बंद मिलने पर जब ग्रामीणों ने पंचायत के चपरासी चंदर सिंह परस्ते से दूरभाष पर संपर्क किया, तो उसने दोटूक जवाब देते हुए कहा कि आज उसके घर में बहुत काम है, इसलिए वह पंचायत नहीं खोलेगा। इसके बाद पंचायत सचिव से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन लगातार फोन लगाने के बावजूद उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया।
वहीं रोजगार सहायक ने फोन उठाते हुए अजीबोगरीब तर्क देते हुए कहा कि तीन हजार रुपये की नौकरी में चपरासी रोज-रोज पंचायत कहां तक खोलेगा, आज वह अपने घर का काम कर रहा है। इस पूरे मामले को लेकर जब जनपद पंचायत नैनपुर की एपीओ अनामिका रजक से संपर्क करने की कोशिश की गई, तो उनकी ओर से भी कोई जवाब नहीं मिला।
जनपद सीईओ ने दिए कार्रवाई के निर्देश
मामले की गंभीरता को देखते हुए पूरे घटनाक्रम की जानकारी जनपद पंचायत नैनपुर के सीईओ प्रमोद ओझा को दी गई। सीईओ श्री ओझा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए स्पष्ट शब्दों में कहा कि ग्राम पंचायत कार्यालय को नियमित रूप से खुला रखना अनिवार्य है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि यदि पंचायत बंद पाई जाती है और कर्मचारी नदारद मिलते हैं, तो संबंधित दोषी अधिकारियों व कर्मचारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
ग्रामीणों के मन में उठ रहे सवाल
इस घटना के बाद ग्रामीणों के मन में यह बड़ा सवाल उठ रहा है कि जब दोपहर के समय ही पंचायत कार्यालयों पर ताले लटके मिलेंगे, तो ग्रामीण अपनी समस्याओं के निराकरण के लिए आखिर कहां जाएं? क्या सरकारी पंचायत कार्यालयों का संचालन अब कर्मचारियों की व्यक्तिगत मर्जी और सुविधा पर निर्भर रह गया है?










