धनतेरस के महासंयोग में बरसेगी मां लक्ष्मी की कृपा
धनतेरस में मालव्य और लक्ष्मी नारायण राजयोग का दुर्लभ संयोग
- खुलेंगे तरक्की के द्वार, सोना, चांदी और बर्तन की होगी खरीदी
- शुभ योग में बाजार रहेगा गुलजार, बाजारों में होगी रौनक
- आज मनाएंगे धनतेरस पर्व, खरीदारी के लिए दिन भर रहेगा समय शुभ
मंडला महावीर न्यूज 29. दीपोत्सव के पांच दिवसीय महापर्व की शुरुआत धनतेरस के साथ होती है। इस वर्ष धनतेरस का पावन पर्व शुक्रवार 6 नवंबर को मनाया जाएगा। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार इस साल धनतेरस पर ग्रहों और नक्षत्रों का बेहद खास और दुर्लभ संयोग बन रहा है, जो खरीददारी, निवेश और पूजा-पाठ के लिए अत्यंत शुभ फलदायी माना जा रहा है। इस वर्ष धनतेरस में मालव्य और लक्ष्मी नारायण राजयोग का दुर्लभ संयोग इस पर्व का महत्व कई गुना बढ़ गया है। इस शुभ अवसर पर मां लक्ष्मी, कुबेर, गणेश और धनवंतरि का पूजन किया जाएगा। इस शुभ योग के साथ एक बार फिर जिले का बाजार गुलजार होगा। इसके साथ ही पांच दिवसीय दीपोत्सव की शुरुआत होगी।
बताया गया कि धनतेरस पर यम दीपदान भी होता है। इस दिन की गई खरीदी को अतिशुभ माना गया है। इस दिन चांदी, पीतल के बर्तन, चांदी के सिक्के, गणेश व लक्ष्मी की प्रतिमाएं खरीदा जाता है। कार्तिक कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी को समुद्र मंथन के दौरान धनवंतरि अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे। इस दिन धनवंतरि जयंती मनाई जाती है। आयुर्वेद के विद्वान इस दिन धनवंतरि की प्रतिमा स्थापित कर पूजन करते हैं। इस दिन चांदी के बर्तन की खरीदी को अति शुभ माना जाता है।
धनतेरस पर बन रहे हैं ये खास योग
इस वर्ष धनतेरस पर हस्त नक्षत्र के साथ मुख्य रूप से मालव्य राजयोग और लक्ष्मी-नारायण राजयोग का भव्य संयोग बन रहा है। ज्योतिष शास्त्र में बुध और शुक्र की युति से लक्ष्मी-नारायण राजयोग का निर्माण होता है। इसके अलावा शुक्रवार होने के कारण शुक्र प्रदोष योग भी रहेगा। पंचांग के अनुसार इस दिन सुबह के समय विष्कुंभ योग भी लग रहा है, जिसे ज्योतिष में अशुभ माना जाता है। इसलिए ज्योतिषाचार्यों का सुझाव है कि विष्कुंभ योग का शुरुआती प्रभाव हल्का होने के बाद यानी सुबह 8 बजे के बाद ही खरीदारी और शुभ कार्य शुरू करना उचित रहेगा। इन राजयोगों में की गई खरीदारी धन, बुद्धि और भौतिक सुख-सुविधाओं में अपार वृद्धि करने वाली मानी गई है।
शुभ मुहूर्त में होगी खरीदारी
धनतेरस के दिन सोना, चांदी, धातु के बर्तन, वाहन या प्रॉपर्टी की खरीदारी के लिए दिन से लेकर शाम तक कई शुभ मुहूर्त होंगे। जिसमें शुभ चौघडिय़ा मुहूर्त सुबह 08.16 बजे से 09.48 बजे तक और फिर दोपहर 12.04 बजे से 01.26 बजे तक। अभिजीत मुहूर्त सुबह 11.42 बजे से दोपहर 12.26 बजे तक। यह समय नई शुरुआत और किसी भी विशेष खरीदारी के लिए सर्वोत्तम माना जाता है। इसके साथ ही प्रदोष काल और वृषभ लग्न जो सबसे शुभ समय माना जाता है, जो शाम 05.32 बजे से रात 08.09 बजे तक प्रदोष काल रहेगा। इसी दौरान शाम 06.02 बजे से रात 07.58 बजे तक वृषभ लग्न (स्थिर लग्न) रहेगा। मान्यता है कि स्थिर लग्न में की गई भगवान धन्वंतरि, माता लक्ष्मी और कुबेर जी की पूजा के साथ की गई खरीदारी से घर में सुख-समृद्धि सदैव स्थिर रहती है।
13 दीयों का है विशेष महत्व
धनतेरस की शाम घर के अंदर और बाहर दीया जलाने की परंपरा है, जिससे वर्ष भर सुख-समृद्धि और सौभाग्य बना रहता है। इस दिन 13 दीयों का विशेष महत्व है, जिन्हें अलग-अलग स्थानों पर जलाना चाहिए। बताया गया कि आज धनतेरस पर एक दीया यम देवता के निमित्त जलाना चाहिए। एक दीया मां लक्ष्मी के निमित्त। इसके साथ ही घर के मुख्य द्वार के दोनों तरफ दो दीये। तुलसी के पास एक दीया। घर की छत पर एक दीया। शेष सात दीये पीपल के वृक्ष के नीचे और मंदिर में जलाने चाहिए।
यम के निमित्त करें दीपदान
धनतेरस से भाई दूज तक पांच दिन अज्ञात भय की निवृत्ति व अपघात दोष निवारण के लिए यम के निमित्त दीपदान का विशेष महत्व है। मकान की छत पर दक्षिण दिशा की ओर मुख करके तिल्ली के तेल से यम देवता के निमित्त दीपदान करना चाहिए। इसके साथ ही कुछ कास शास्त्रोक्त उपाय करने से मानव की सभी मनोकामनाओं की पूर्ति होती है और उसको धन-समृद्धि के साथ आरोग्य और एश्वर्य की प्रप्ति होती है।
धनतेरस पर झाड़ू खरीदने से खुश होती हैं मां लक्ष्मी
धनतेरस के साथ दिवाली के महापर्व की शुरुआत हो जाती। धनतेरस के दिन लोग सोने चांदी के गहने और बर्तन खरीदते हैं लेकिन इस दिन झाड़ू खरीदने की परंपरा भी काफी लंबे समय से चली आ रही है। मान्यता है कि इस दिन झाडू की खरीददारी करने से घर में सुख, शांति और संपन्नता बनी रहती है। मत्स्य पुराण में झाडू को मां लक्ष्मी का ही रूप माना गया है। माना जाता है कि झाडू खरीदने से घर से गरीबी जाती है और ऋण से भी मुक्ति मिलती है।
एक साथ तीन झाड़ू
धनतेरस पर कोशिश करें कि एक साथ तीन झाड़ू खरीदें। इस दिन एक साथ तीन झाडू खरीदने को एक अच्छा शगुन माना जाता है। इस बात का भी ध्यान रखें कि कभी भी दो या चार के जोड़े में झाड़ू ना खरीदें।
घर में लक्ष्मी का वास होता है
धनतेरस के दिन झाड़ू खरीदा जाता है। मान्यता है कि इस दिन झाड़ू खरीदने से गरीबी दूर होती है। साथ ही नई झाड़ू से नकारात्मक ऊर्जा दूर जाती है और घर में लक्ष्मी का वास होता है। हिंदू मान्यताओं के मुताबिक धनतेरस के दिन झाड़ू खरीदकर अपने घर में लाना चाहिए. इससे पैसों की तंगी को दूर किया जा सकता है। शास्त्रों में इसे माता लक्ष्मी का प्रतिरूप माना जाता है। हालांकि धनतेरस पर झाड़ू खरीदने के कुछ नियमों का भी पालन करना चाहिए। इन नियमों के प्रति लापरवाही बरतने से देवी लक्ष्मी नाराज भी हो सकती है।











