विद्यार्थियों ने सीखा ईको फ्रेंडली प्रतिमा बनाना

रानी दुर्गावती महाविद्यालय में माटी गणेश सिद्ध गणेश कार्यशाला

विद्यार्थियों ने सीखा ईको फ्रेंडली प्रतिमा का निर्माण

  • प्लास्टर ऑफ पेरिस को कहें ना
  • घर के गमले में करें गणेश विसर्जन और लगाएं पौधा

मंडला महावीर न्यूज 29. आगामी गणेश उत्सव में धार्मिक आस्था के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने के लिए माटी गणेश सिद्ध गणेश अभियान जोरों पर है। इसी कड़ी में मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद और नर्मदा समग्र के संयुक्त तत्वावधान में स्थानीय रानी दुर्गावती महाविद्यालय में एक विकासखंड स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में विद्यार्थियों को प्राकृतिक मिट्टी से भगवान श्री गणेश की ईको-फ्रेंडली प्रतिमा बनाने का प्रशिक्षण दिया गया।

माटी की मूरत और जलस्रोतों का संरक्षण 

कार्यशाला में नर्मदा समग्र के संभाग समन्वयक नीलेश कटारे ने मास्टर ट्रेनर के रूप में विद्यार्थियों को प्राकृतिक मिट्टी से मूर्ति बनाने की आसान विधि सिखाई और पर्यावरण संरक्षण का महत्व समझाया। जन अभियान परिषद के विकासखंड समन्वयक संतोष कुमार झारिया ने अभियान की जानकारी देते हुए बताया कि आमजन और विद्यार्थियों को प्लास्टर ऑफ पेरिस की मूर्तियों का बहिष्कार कर प्राकृतिक मिट्टी से बनी मूर्तियों की स्थापना के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य हमारी धार्मिक आस्था को बनाए रखने के साथ-साथ नदी-तालाबों और अन्य जलस्रोतों को प्रदूषण मुक्त रखना है।

गमले में विसर्जन, फिर पौधरोपण की अनूठी पहल 

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों और नागरिकों से एक विशेष अपील की गई कि वे मिट्टी से बनी गणेश प्रतिमा का विसर्जन किसी नदी या तालाब में न करें, बल्कि इसे अपने घर के गमले या किसी बड़े पात्र में करें। मूर्ति के मिट्टी में पूरी तरह घुल जाने के बाद उसी गमले में एक पौधा लगाएं। आयोजकों ने इसे ‘माटी के गणेश, गमले में विसर्जन और पौधरोपण का नारा दिया।

इनकी रही उपस्थिति 

इस पर्यावरण हितैषी कार्यशाला में नर्मदा समग्र संभाग टोली के सदस्य श्याम श्रीवास, परामर्शदाता संतोष कुमार रजक, रागिनी हरदहा, दीपा श्रीवास, आशीष नामदेव सहित बड़ी संख्या में महाविद्यालय के छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे और उन्होंने स्वयं माटी के गणेश बनाने का अभ्यास किया।


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