टोल वसूली को लेकर भड़के ग्रामीण, मौके पर पहुंचे कांग्रेस-भाजपा नेता

पांडू ताला टोल प्लाजा की मनमानी से ग्रामीणों में भारी आक्रोश

एंबुलेंस रोकने और मासिक पास न देने पर गरमाया मुद्दा

  • टोल वसूली को लेकर भड़के ग्रामीण, मौके पर पहुंचे कांग्रेस-भाजपा नेता
  • स्थानीय ग्रामीणों पर भारी पड़ रही मनमानी वसूली
  • दोनों जिलों के प्रशासन से की हस्तक्षेप की मांग

मंडला महावीर न्यूज 29. जबलपुर-रायपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित पांडू ताला टोल प्लाजा पर टोल प्रबंधन की मनमानी वसूली और अव्यवस्थाओं को लेकर रविवार को स्थानीय ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। ग्रामीणों ने स्थानीय वाहनों के लिए मासिक पास की सुविधा न देने और आपातकालीन स्थिति में मरीजों के वाहनों को रोकने का गंभीर आरोप लगाते हुए जमकर विरोध दर्ज कराया।

जानकारी अनुसार पांडू ताला टोल प्लाजा तकनीकी रूप से बालाघाट जिले की सीमा में आता है, लेकिन इसके दोनों ओर के दर्जनों गांव मंडला जिले के मवई ब्लॉक के अंतर्गत आते हैं। रोजमर्रा के काम के लिए किसानों, छात्रों और व्यापारियों को दिन में कई बार इस मार्ग से गुजरना पड़ता है। ग्रामीणों का आरोप है कि 20 किलोमीटर के दायरे वाले स्थानीय वाहनों के लिए मासिक पास की सरकारी सुविधा होने के बावजूद उन्हें इसका लाभ नहीं दिया जा रहा है, जिससे उन पर अनुचित आर्थिक बोझ पड़ रहा है।

मरीजों की जान से कर रहे खिलवाड़ 

बताया गया कि विरोध का सबसे बड़ा कारण मरीजों के वाहनों को 25 से 30 मिनट तक रोके जाना है। ग्रामीणों ने हाल ही की एक घटना का हवाला दिया जिसमें एक मरीज को ले जा रहे वाहन को टोल पर लंबे समय तक रोक कर रखा गया। वनांचल क्षेत्र होने के कारण गंभीर मरीजों को बिछिया या मंडला ले जाने का यही एकमात्र मुख्य मार्ग है। ऐसे में टोल पर होने वाली देरी किसी भी मरीज के लिए जानलेवा साबित हो सकती है।

गाइडलाइन प्रस्तुत करने में नाकाम रहा प्रबंधन 

हंगामे के बीच जब ग्रामीणों ने टोल ठेकेदार से स्थानीय लोगों के लिए लागू नियमों और मासिक पास संबंधी सरकारी आदेश दिखाने की मांग की, तो प्रबंधन कोई स्पष्ट गाइडलाइन प्रस्तुत नहीं कर सका। इससे ग्रामीणों की नाराजगी और अधिक बढ़ गई।

कांग्रेस और भाजपा नेताओं ने दिया समर्थन 

मामले की गंभीरता को देखते हुए ब्लॉक कांग्रेस कमेटी मवई के अध्यक्ष संतोष रानू हरदहा और भाजपा नेता डॉ. विजय आनंद मरावी मौके पर पहुंचे। दोनों नेताओं ने ग्रामीणों की समस्याओं को सुना और टोल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने एक स्वर में कहा कि अपने ही क्षेत्र में आवागमन के लिए स्थानीय लोगों को परेशान करना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

प्रशासन से स्थायी समाधान की मांग 

ग्रामीणों और उपस्थित नेताओं ने मंडला और बालाघाट दोनों जिलों के प्रशासन से मांग की है कि वे आपसी समन्वय स्थापित कर इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करें। टोल वसूली की प्रक्रिया की जांच हो, स्थानीय लोगों को मासिक पास मिले और मरीजों के वाहनों को निर्बाध निकासी सुनिश्चित की जाए।


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