नियम ताक पर-सीईओ के सरकारी बंगले पर कर्मचारी का कब्जा
राजस्व विभाग ने थमाया फर्जी पट्टा
- रसूख के आगे प्रशासन नतमस्तक
- निजी मकान होने के बावजूद सरकारी इमारत को बनाया अपनी जागीर
मंडला महावीर न्यूज 29. शासकीय संपत्तियों की सुरक्षा का जिम्मा उठाने वाले विभाग जब खुद भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाएं, तो न्याय की उम्मीद किससे की जाए? जनपद पंचायत घुघरी में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ मुख्य कार्यपालन अधिकारी के लिए आरक्षित शासकीय आवास पर एक सरकारी कर्मचारी ने न केवल अवैध कब्जा जमा लिया है, बल्कि राजस्व विभाग की कथित मेहरबानी से उस बेशकीमती जमीन का भू-अधिकार पत्र (पट्टा) भी अपने परिवार के नाम करवा लिया है।
निजी मकान होने के बाद भी सरकारी बंगले पर नजर
ग्राम पंचायत घुघरी स्थित वह भवन, जो आधिकारिक तौर पर जनपद सीईओ का निवास है, आज एक अतिक्रमणकारी की जागीर बन चुका है। चौंकाने वाली बात यह है कि कब्जा करने वाला व्यक्ति स्वयं एक शासकीय कर्मचारी है और उसका अपना निजी मकान भी है। नियमानुसार, निजी आवास होने की स्थिति में कोई भी कर्मचारी शासकीय आवास का हकदार नहीं होता, लेकिन यहाँ तो पूरी सरकारी इमारत पर ही मालिकाना हक जताने की तैयारी कर ली गई है।
राजस्व विभाग की भूमिका संदिग्ध
स्थानीय सूत्रों का आरोप है कि राजस्व विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत के बिना यह खेल संभव नहीं था। सवाल उठ रहे हैं कि जिस शासकीय जमीन और भवन का पट्टा कभी निजी व्यक्ति के नाम नहीं हो सकता, उसका भू-अधिकार पत्र परिजनों के नाम कैसे जारी हो गया? क्या पट्टा जारी करने से पहले जमीन के रिकॉर्ड (खसरा-खतौनी) की जांच जानबूझकर नहीं की गई?
गरीबों पर बुलडोजर, रसूखदारों को संरक्षण
ग्रामीणों में प्रशासन के इस दोहरे चेहरे को लेकर भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर कोई गरीब अपनी गुजर-बसर के लिए सड़क किनारे छोटी सी झोपड़ी भी बना ले, तो तहसीलदार और पटवारी की टीम तुरंत बुलडोजर लेकर पहुंच जाती है, लेकिन यहाँ एक रसूखदार कर्मचारी ने पूरी सरकारी इमारत को कब्जा रखी है और अधिकारी मौन साधे हुए हैं।
शिकायतों के बाद भी कार्रवाई शून्य
इस फर्जीवाड़े के संबंध में स्थानीय पत्रकारों ने कई बार तहसीलदार और पटवारी को साक्ष्यों के साथ अवगत कराया, लेकिन आज तक न तो कोई जांच कमेटी गठित हुई और न ही पट्टा निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू की गई। चर्चा है कि राजनीतिक संरक्षण प्राप्त होने के कारण उक्त कर्मचारी के हौसले इतने बुलंद हैं कि वह अन्य स्थानों पर भी अतिक्रमण को बढ़ावा दे रहा है।
इनका कहना है
पत्रकारों के माध्यम से यह मामला मेरे संज्ञान में आया है। मुझे इस संबंध में पूर्व में जानकारी नहीं थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी पूरी जांच कराई जाएगी और तथ्य गलत पाए जाने पर पट्टा निरस्त कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
सचिन जैन, एसडीएम, घुघरी










