ग्राम टिकरिया में दबिश देकर 416 लीटर से अधिक अंग्रेजी शराब और बीयर जब्त
- 3 लाख 64 हजार से अधिक की शराब जब्त
- पुलिस को देखकर दोनों आरोपी मौके से फरार
- आबकारी एक्ट के तहत मामला दर्ज
मंडला महावीर न्यूज 29. मंडला जिले में अवैध शराब के संग्रहण, परिवहन और बिक्री के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत कोतवाली पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। पुलिस ने ग्राम टिकरिया में दबिश देकर एक मकान के कमरे में छिपाकर रखी गई भारी मात्रा में अंग्रेजी शराब और बीयर बरामद की है। जब्त की गई कुल शराब की अनुमानित कीमत 3 लाख 64 हजार 500 रुपये आंकी गई है। हालांकि पुलिस की दबिश के दौरान दोनों नामजद आरोपी मौके से फरार होने में कामयाब हो गए।
पुलिस अधीक्षक राजेश रघुवंशी के कुशल निर्देशन में यह कार्रवाई की गई। पुलिस को मुखबिर से विशेष सूचना मिली थी कि ग्राम टिकरिया निवासी सौरभ ठाकुर के घर के एक कमरे में नाटू उर्फ नीरज कछवाहा द्वारा भारी मात्रा में अंग्रेजी शराब अवैध रूप से डंप करके रखी गई है। दोनों आरोपी इस शराब को मंडला क्षेत्र में खपाने और बेचने की तैयारी में थे।
सूचना की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी निरीक्षक शफीक खान के नेतृत्व में एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया, जिसने तत्काल ग्राम टिकरिया पहुंचकर बताए गए स्थान पर दबिश दी। पुलिस दल को देखते ही वहां मौजूद दोनों व्यक्ति मौके से फरार हो गए। इसके बाद पुलिस ने पंचनामा तैयार कर कमरे की तलाशी ली और वहां छिपाकर रखी गई अवैध शराब की जब्ती की कार्रवाई शुरू की।
विभिन्न ब्रांड की शराब और बीयर केन बरामद
पुलिस ने बताया कि इस कार्रवाई के दौरान विभिन्न ब्रांड्स की 180 एमएल और 750 एमएल की अंग्रेजी शराब की बोतलों के साथ-साथ 500 एमएल के बीयर केन भी बड़ी संख्या में मिले। कुल मिलाकर 416 लीटर 340 मिलीलीटर अंग्रेजी शराब और बीयर जब्त की गई है।
आरोपियों के खिलाफ आबकारी एक्ट के तहत मामला दर्ज
इस मामले में पुलिस ने सौरभ ठाकुर पिता निर्मल ठाकुर, निवासी ग्राम टिकरिया और नाटू उर्फ नीरज कछवाहा पिता राजेंद्र प्रसाद कछवाहा, निवासी डॉ. आंबेडकर वार्ड, मंडला के विरुद्ध कोतवाली थाने में मध्य प्रदेश आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर लिया है। पुलिस द्वारा दोनों फरार आरोपियों की तलाश के लिए सघन प्रयास किए जा रहे हैं। इस पूरी कार्रवाई को सफल बनाने में थाना प्रभारी निरीक्षक शफीक खान, उप निरीक्षक प्रीति वर्मा, सहायक उप निरीक्षक वामनकर तथा आरक्षक रमेश, प्रियांश, जगदीश, मृदुल, धीरू, यमुना प्रसाद और परेश की महत्वपूर्ण भूमिका रही।









