मंडला में सफाई कर्मचारियों की 8 सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू
पीएचई मंत्री के नाम आयोग मित्र डॉ कपिल वर्मा को सौंपा ज्ञापन
- नगरपालिका के सामने दिया धरना
- मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान
- नियमितीकरण, 25 हजार रुपये वेतन और पुरानी पेंशन बहाली की मांग पर अड़े कर्मचारी
मंडला महावीर न्यूज 29. वर्षों से लंबित मांगों का निराकरण न होने से नाराज सफाई कर्मचारियों ने अब आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। अखिल भारतीय सफाई मजदूर कांग्रेस ट्रेड यूनियन, जिला शाखा मंडला के नेतृत्व में जिलेभर के सफाई कर्मचारियों ने आठ सूत्रीय प्रमुख मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। आंदोलन के पहले दिन बड़ी संख्या में महिला एवं पुरुष कर्मचारियों ने नगरपालिका कार्यालय के सामने धरना देकर अपनी मांगों के समर्थन में जोरदार आवाज बुलंद की। कर्मचारियों के इस मुखर आंदोलन से आने वाले दिनों में शहर की सफाई व्यवस्था के प्रभावित होने की पूरी आशंका जताई जा रही है।
सफाई कर्मचारियों ने कहां कि मप्र मानव अधिकार आयोग द्वारा मंडला जिले में डॉ. कपिल वर्मा को आयोग मित्र नामांकित किया है। कर्मचारियों को उम्मीद है कि मानव अधिकार आयोग सफाई कर्मचारियों की जायज मांगों को संज्ञान लेकर उनकी मांगों को शासन प्रशासन तक पहुंचाएगा। संगठन की ओर से शासन और प्रशासन पीएचई मंत्री और आयोग मित्र डॉ कपिल वर्मा को अपनी मांगों को लेकर एक ज्ञापन सौंपा है।
20 वर्षो से दे रहे सेवाएं
बताया गया कि सौंपे गए मांग पत्र में मुख्य रूप से वर्षों से कार्यरत विनियमित, मस्टर, दैनिक वेतनभोगी और आउटसोर्स सफाई कर्मचारियों को तत्काल नियमित किए जाने की मांग की गई है। संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि कई कर्मचारी पिछले करीब 20 वर्षों से अपनी निष्ठावान सेवाएं दे रहे हैं, इसके बावजूद उन्हें स्थायी कर्मचारियों जैसी सुविधाएं और सामाजिक सुरक्षा का लाभ नहीं मिल पा रहा है। इसके साथ ही कर्मचारियों ने सभी संबंधित कर्मियों का मासिक वेतन न्यूनतम 25 हजार रुपये निर्धारित करने की मांग उठाई है, ताकि वे अपने परिवार का भरण-पोषण सम्मानजनक तरीके से कर सकें।
ठेका प्रथा समाप्त करने और पुरानी पेंशन बहाली की मांग
कर्मचारियों की आठ सूत्रीय मांगों में नगरीय निकायों से ठेका एवं आउटसोर्स व्यवस्था को पूरी तरह समाप्त करने की बात प्रमुखता से रखी गई है। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों की पंचायतों, अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों, स्कूलों, आंगनवाड़ी केंद्रों व अन्य शासकीय संस्थानों में कार्यरत सफाई कर्मचारियों को कलेक्टर दर पर भुगतान किए जाने की मांग की गई है। आंदोलनकारियों ने वर्ष 2005 के बाद बंद की गई पुरानी पेंशन योजना को पुन: बहाल करने, भर्ती में रोस्टर प्रणाली समाप्त करने तथा नगरपालिका, नगर निगम व नगर परिषदों में रिक्त पड़े पदों पर सीधी भर्ती किए जाने की भी पुरजोर मांग की है।
मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा आंदोलन
कर्मचारियों ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि लंबे समय से वे अपनी इन जायज मांगों को शासन-प्रशासन के समक्ष उठाते आ रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है। इसी उपेक्षा के चलते उन्हें मजबूरन हड़ताल का कठिन रास्ता अपनाना पड़ा है। कर्मचारियों ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी सभी आठ सूत्रीय मांगें पूरी नहीं हो जातीं, तब तक उनका यह अनिश्चितकालीन आंदोलन लगातार जारी रहेगा।










