गाँव-गाँव पहुँच रहे पटवारी, अब तक 14800 हितग्राहियों की हुई नि:शुल्क रजिस्ट्री
मंडला जिले में स्वामित्व योजना का प्रभावी क्रियान्वयन
- ग्रामीण आबादी भूमि को मिल रहा कानूनी अधिकार
- जिले की छह तहसीलों के 1035 गाँवों में तेजी से चल रहा भूखंड सत्यापन कार्य
मंडला महावीर न्यूज 29. ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिकों को उनकी आबादी भूमि का वैध स्वामित्व अधिकार दिलाने के उद्देश्य से केंद्र और राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी स्वामित्व योजना मंडला जिले में कारगर साबित हो रही है। योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए मैदानी अमले यानी पटवारियों द्वारा गाँव-गाँव जाकर ग्रामीणों से सीधा संपर्क किया जा रहा है। इसके तहत भूखंडों का सत्यापन, अभिलेखों की सूक्ष्म जाँच और रजिस्ट्री की प्रक्रिया को पूरी पारदर्शिता के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है, जिससे ग्रामीणों को अपनी ही जमीन के मालिकाना हक के दस्तावेज प्राप्त करने में भारी सुविधा मिल रही है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इस योजना के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों की रजिस्ट्रियाँ पूर्णत: नि:शुल्क की जा रही हैं, जिससे आम ग्रामीणों पर किसी भी प्रकार का आर्थिक बोझ नहीं पड़ रहा है।
जिले में अब तक 14,800 रजिस्ट्रियाँ पूर्ण
अधिकारिक जानकारी के अनुसार स्वामित्व योजना के अंतर्गत मंडला जिले की सभी 6 तहसीलों के कुल 1035 ग्रामों में युद्धस्तर पर कार्य किया जा रहा है। 26 अक्टूबर तक जिले में कुल 66,971 भूखंडों का विवरण दर्ज किया जा चुका है, जिनमें से अब तक 14,800 हितग्राहियों की रजिस्ट्री की प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी की जा चुकी है। तहसीलवार प्रगति पर नजर डालें तो जिले की बिछिया तहसील में 3195, नैनपुर में 2743, मंडला में 2664, नारायणगंज में 2339, घुघरी में 1967 और निवास तहसील में 1892 हितग्राहियों को स्वामित्व के दस्तावेज सौंपे जा चुके हैं। इस प्रकार जिले के हर कोने में पात्र ग्रामीणों को उनकी भूमि का कानूनी हक देने का काम निरंतर जारी है।
मजबूत होंगे भूमि संबंधी अधिकार और घटेंगे विवाद
प्रशासन का मानना है कि स्वामित्व योजना ग्रामीण परिवारों के लिए आर्थिक रूप से सशक्त बनने की दिशा में एक बड़ा कदम है। आबादी भूमि पर कानूनी अधिकार मिलने से ग्रामीणों को अपनी संपत्ति पर मालिकाना हक प्रमाणित करने में आसानी होगी, साथ ही भविष्य में जमीनी व पारिवारिक विवादों की संभावनाओं को भी कम किया जा सकेगा। पटवारियों के गाँव-गाँव पहुँचने से स्थानीय स्तर पर ही लोगों को योजना की सही जानकारी और मार्गदर्शन मिल रहा है। प्रशासन द्वारा शेष बचे सभी पात्र हितग्राहियों की रजिस्ट्री प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।









