श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया आचार्य श्री विद्यासागर व आचार्य समयसागर का जन्मोत्सव

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पिंडरई में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया आचार्य श्री विद्यासागर व आचार्य समयसागर का जन्मोत्सव

  • 16 दिवसीय शांतिनाथ विधान का हुआ समापन
  • मूकमाटी नाटिका के मंचन ने मोहा मन, बाजार चौक में बंटी प्रसादी

मंडला महावीर न्यूज 29. वृती नगरी पिंडरई में शरद पूर्णिमा के अवसर पर परम पूज्य आचार्य भगवंत श्री विद्यासागर महाराज एवं वर्तमान आचार्य श्री समयसागर महाराज का जन्मोत्सव पूरी श्रद्धा, भक्ति और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। यह भव्य आयोजन आचार्य श्री की परम प्रभावक शिष्या पूज्य आर्यिका श्री विमलमति माताजी ससंघ के पावन सान्निध्य में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।इस पावन अवसर पर स्थानीय श्री बीच के मंदिर जी में पूज्य माताजी के सान्निध्य में विगत 16 दिनों से चल रहे श्री शांतिनाथ विधान का भी विधि-विधान पूर्वक समापन किया गया। जन्मोत्सव कार्यक्रम के अंतर्गत प्रात: काल मंत्रोच्चार के साथ हवन संपन्न हुआ। इसके पश्चात आयोजित विशेष कार्यक्रम में वक्ताओं द्वारा आचार्य श्री के जीवन, उनके महान त्याग, तपस्या और धर्म प्रभावना पर आधारित अपने विचार और चार-चार मिनट के विशेष वक्तव्य प्रस्तुत किए गए, जिसने उपस्थित श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।

मूकमाटी का मंचन और प्रसादी वितरण 

आयोजन का एक प्रमुख आकर्षण आचार्य श्री के आध्यात्मिक संदेशों और उनकी प्रसिद्ध रचना पर आधारित मूकमाटी नाटिका का मंचन रहा, जिसने सभी का मन मोह लिया। सभी धार्मिक अनुष्ठानों और कार्यक्रम के बाद दोपहर 11 बजे से स्थानीय बाजार चौक में आयोजन समिति द्वारा विशाल प्रसादी का वितरण किया गया। सकल दिगंबर जैन समाज के अध्यक्ष चौधरी कैलाश जैन और मीडिया प्रभारी त्र्ऋषभ जैन ने बताया कि इस जन्मोत्सव में बड़ी संख्या में धर्मप्रेमी बंधुओं ने उपस्थित होकर अपनी सहभागिता दर्ज कराई और धर्मलाभ प्राप्त किया।


 

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