कोतवाली क्षेत्र में चोरी की 4 वारदातों का पर्दाफाश
जबलपुर के 6 शातिर आरोपी गिरफ्तार
- मरीज की जान बचाने अस्पताल गई महिला डॉक्टर के घर हुई थी लाखों की चोरी
- जबलपुर से आकर वारदात को अंजाम देने वाले गिरोह से नकद और आभूषण जब्त
मंडला महावीर न्यूज 29. जिले में पिछले कुछ समय से लगातार हो रही चोरी और गृहभेदन की घटनाओं पर अंकुश लगाते हुए मंडला पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस अधीक्षक मंडला राजेश रघुवंशी के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शिव कुमार वर्मा और एसडीओपी पीयूष मिश्रा के मार्गदर्शन में कोतवाली पुलिस ने शहर में हुई चोरी की चार वारदातों का सनसनीखेज खुलासा किया है। पुलिस ने इस मामले में जबलपुर से मंडला आकर वारदात को अंजाम देने वाले एक शातिर गिरोह के तीन मुख्य चोरों सहित कुल 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से पुलिस ने सोने-चांदी के आभूषण और 80 हजार रुपये की नकदी बरामद की है।
जानकारी अनुसार इस चोरी के के मामले में सबसे बड़ी और चर्चित वारदात विगत 8 अक्टूबर की रात को हुई थी। जिला अस्पताल में पदस्थ स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. डॉली चौधरी रात करीब 12.20 बजे एक आपातकालीन मरीज को देखने के लिए अपने पति भूपेंद्र चौधरी के साथ अस्पताल गई थीं। जब वे मात्र आधे घंटे बाद रात 12.55 बजे घर लौटीं, तो उनके होश उड़ गए। मुख्य दरवाजे की कुंडी टूटी हुई थी और अंदर अलमारियों के ताले तोड़कर सारा सामान बिखेरा गया था। शातिर चोरों ने इस छोटी सी अवधि में घर से सोने का मंगलसूत्र, नेकलेस सेट, मांगटीका, नथ, सोने की चेन, हीरे की अंगूठियां, सोने के कंगन, ब्रेसलेट, पेंडेंट, 750 ग्राम चांदी का करधन, पायल, बिछिया, चांदी की चेन, एक महंगी अरमानी एक्सचेंज घड़ी, आईफोन-11 और काफी मात्रा में नकद राशि पार कर दी थी। इस मामले में पुलिस ने अपराध दर्ज कर जांच शुरू की थी।
इन तीन अन्य मामलों का भी हुआ खुलासा
डॉक्टर के घर हुई चोरी के अलावा पुलिस ने सितंबर और अक्टूबर माह में हुई तीन अन्य गृहभेदन की घटनाओं को भी सुलझा लिया है। इनमें 18 सितंबर को सुरेंद्र कुमार रजक के यहां हुई चोरी, 6 अक्टूबर को विशाल कुमार दुबे के घर हुई चोरी और 7 अक्टूबर को डॉ. राहुलदेव धार्या के घर हुई वारदात शामिल हैं।
ऐसे पुलिस के हत्थे चढ़े आरोपी
लगातार हो रही इन वारदातों से शहर में दहशत का माहौल था। घटनाओं की संवेदनशीलता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने तत्काल मौका मुआयना किया। एफएसएल टीम के माध्यम से घटनास्थलों से वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए गए और पुलिस अधीक्षक ने आरोपियों की गिरफ्तारी पर तीन हजार रुपये का इनाम घोषित किया। कोतवाली पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया। निगरानी बदमाशों के रिकॉर्ड खंगाले गए। इसी दौरान सुराग मिला कि जबलपुर का एक गिरोह मंडला में सक्रिय था। पुलिस ने घेराबंदी कर संदिग्धों को हिरासत में लिया और जब उनसे कड़ाई से पूछताछ की गई, तो उन्होंने चारों वारदातों को अंजाम देना कबूल कर लिया।
दिन में रेकी, रात में वारदात, सबूत मिटाने गला दिया सोना
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे जबलपुर से मंडला आकर शहर के अलग-अलग इलाकों में घूमकर सूने घरों की रेकी करते थे। 8 अक्टूबर को भी उन्होंने यही किया और वारदात के तुरंत बाद सारा माल लेकर वापस जबलपुर भाग गए। चोरी किए गए आभूषणों को खुर्द-बुर्द कर पहचान मिटाने के उद्देश्य से आरोपियों ने अपने जबलपुर निवासी परिचित अंकित बैन, शिवम सोनी और लक्की सोनी की मदद ली। इन तीनों ने चोरी का सोना गलाने और उसे ठिकाने लगाने में मदद की। पुलिस ने चोरी का माल खरीदने और गलाने के आरोप में इन तीनों को भी गिरफ्तार कर लिया है।
आरोपियों का है लंबा आपराधिक इतिहास
पकड़े गए तीनों मुख्य आरोपी आदतन अपराधी हैं। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार आरोपी महेंद्र पटेल उर्फ पिल्लू 30 वर्ष निवासी संजय नगर, आधार ताल, जबलपुर के खिलाफ पहले से 17 मामले, सूरज 26 वर्ष, निवासी हनुमान ताल, जबलपुर के खिलाफ 25 मामले और शुभम जायसवाल 29 वर्ष निवासी बरेला, जबलपुर के खिलाफ 15 आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। इनमें से कई मामलों में वे फरार या जमानत पर थे। इसके साथ ही इनका सहयोग करने वालों में अंकित बेन 26 वर्ष निवासी हनुमान ताल, जबलपुर, शिवम सोनी 26 वर्ष निवासी कोरी मोहल्ला, हनुमान ताल, जबलपुर, लकी सोनी 22 वर्ष निवासी चेरी ताल, जबलपुर को भी गिरफ्तार किया गया है।
जब्त की गई संपत्ति
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 80 हजार रुपये नकद, 1 हीरे का नग, लगभग 35 ग्राम वजन का सोने का गला हुआ टुकड़ा, सोने के दो कंगन, एक सोने का ब्रेसलेट, लगभग 750 ग्राम वजन का चांदी का करधन, चांदी का खुचना, लॉकेट, चार बिछिया और चांदी की दो जोड़ी पायल बरामद की है।
इनकी रही सराहनीय भूमिका
इस चोरी की वारदातों को सुलझाने में निरीक्षक शफीक खान, निरीक्षक शैलेंद्र चौरसिया, एफएसएल अधिकारी सौरभ घोंगडे, उप-निरीक्षक श्रीचंद मरावी, रतन बचावले, लक्ष्मी पुष्कर, प्रधान आरक्षक शिवा, रविन्द्र, विकास तथा आरक्षक रमेश, मृदुल, यमुना प्रसाद, प्रियांश, पुनीत, जगदीश, सुरेश और सूर्यचंद की अहम भूमिका रही। पुलिस अधीक्षक ने पूरी टीम के उत्कृष्ट कार्य की सराहना की है।









