कान्हा टाइगर रिजर्व में जंगली भैंसा पुनर्स्थापना का दूसरा चरण शुरू
सीएम डॉ. मोहन यादव ने 8 भैंसों को बड़े बाड़े में किया शिफ्ट
- विलुप्त जंगली भैंसों से फिर आबाद होगा मप्र
- कान्हा में द्वितीय चरण का शुभारंभ
- असम से भैंसे लाने वाले दल का हुआ सम्मान
मंडला महावीर न्यूज 29. मध्यप्रदेश से पूरी तरह विलुप्त हो चुके जंगली भैंसों (Wild Water Buffalo) को पुनः स्थापित करने की दिशा में रविवार, 11 अक्टूबर 2026 को एक बड़ा कदम उठाया गया। राज्य के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंडला स्थित कान्हा टाइगर रिजर्व में संचालित महत्वाकांक्षी ‘जंगली भैंसा पुनर्स्थापना परियोजना’ के द्वितीय चरण का शुभारंभ किया। इस चरण के तहत असम से लाए गए सभी 8 जंगली भैंसों को कान्हा के सुपखार क्षेत्र में बनाए गए विशेष बड़े बाड़े में सफलतापूर्वक स्थानांतरित कर दिया गया।

असम से 2200 किमी का सफर तय कर कान्हा पहुंचे थे भैंसे
इस पर्यावरण-हितैषी परियोजना के लिए कान्हा टाइगर रिजर्व के सुपखार क्षेत्र को प्राकृतिक आवास के रूप में चुना गया है। परियोजना के प्रथम चरण का शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा 28 अप्रैल 2026 को किया गया था। इसके तहत 28 अप्रैल और 09 मई 2026 को असम के काजीरंगा से कुल 08 जंगली भैंसों को लगभग 2,200 किलोमीटर की लंबी सड़क यात्रा के जरिए सुरक्षित रूप से कान्हा लाया गया था। अब द्वितीय चरण में इन्हें बड़े बाड़े में शिफ्ट किए जाने से उनके अनुकूलन और प्राकृतिक आवास में ढलने की प्रक्रिया को बल मिलेगा।

परिवहन दल के सदस्यों का हुआ सम्मान
इस ऐतिहासिक अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उन सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को मंच से सम्मानित किया, जिन्होंने असम से इन वन्यजीवों को सुरक्षित रूप से सुपखार तक पहुंचाने में अपनी अहम भूमिका निभाई थी। वन्यजीव संरक्षण के प्रति उनके समर्पण और उत्कृष्ट कार्य को सराहते हुए, दल के प्रत्येक सदस्य को 10,000 रुपये की सम्मान राशि का चेक प्रदान किया गया।

पारिस्थितिक संतुलन और प्राकृतिक विरासत का संरक्षण
यह पुनर्स्थापना परियोजना जैव विविधता संरक्षण, पारिस्थितिक संतुलन की बहाली और प्रदेश की प्राकृतिक विरासत को सहेजने का एक बेहद महत्वपूर्ण प्रयास है। कार्यक्रम के दौरान वन विभाग के प्रमुख सचिव राघवेंद्र सिंह, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन बल प्रमुख) शुभरंजन सेन, पीसीसीएफ (वन्यजीव) डॉ. समीता राजौरा, एसटी आयोग के सदस्य भगत सिंह नेताम, बालाघाट डीआईजी विनीत जैन, कान्हा के क्षेत्र संचालक रवीन्द्र मणि त्रिपाठी, कलेक्टर कुमार सत्यम, एसपी आदित्य मिश्रा, पिछड़ा वर्ग आयोग की सदस्य मौसम बिसेन, पूर्व मंत्री रामकिशोर कांवरे और जिला पंचायत सदस्य अनुपमा नेताम समेत वन विभाग का स्थानीय अमला एवं कई गणमान्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।










