नैनपुर: सूने घर का ताला तोड़कर जेवर चुराने वाले तीन शातिर चोर गिरफ्तार
पिंडरई पुलिस की बड़ी कार्रवाई
- नकबजनी का 6 घंटे में खुलासा
- रेलवे स्टेशन से 3 आरोपी गिरफ्तार
- 80 हजार के जेवर बरामद
- न्यायालय में हुए पेश
मंडला महावीर न्यूज 29. नैनपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत चौकी पिंडरई पुलिस ने नकबजनी की एक वारदात का महज छह घंटे में खुलासा कर दिया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को पिंडरई रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया और उनके कब्जे से करीब 80 हजार रुपये मूल्य के चोरी किए गए सोने-चांदी के आभूषण बरामद कर लिए हैं। संपत्ति संबंधी अपराधों की रोकथाम में इसे पुलिस की एक महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है।
सूने घर का ताला तोड़कर की थी चोरी
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम जामगांव निवासी 59 वर्षीय धनराज अहिरवार ने 10 अक्टूबर 2026 को पिंडरई चौकी में चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। फरियादी ने बताया था कि अज्ञात बदमाशों ने उनके घर के दरवाजे का ताला तोड़कर सोने-चांदी के जेवरात पार कर दिए हैं। शिकायत के आधार पर नैनपुर थाने में अपराध क्रमांक 469/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 331(4) एवं 305(ए) में मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई थी।
रेलवे स्टेशन से दबोचे गए आरोपी
पुलिस अधीक्षक मंडला के निर्देशों और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शिवकुमार वर्मा व एसडीओपी नैनपुर मनीष राज के मार्गदर्शन में पिंडरई चौकी प्रभारी निरीक्षक अंशुल गुप्ता के नेतृत्व में एक टीम गठित की गई। मुखबिर से मिली सटीक सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने 10 अक्टूबर को पिंडरई रेलवे स्टेशन पर दबिश दी और तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया। आरोपियों की पहचान संदीप रजक (32), मंजू अहिरवार (30) और विशाल अहिरवार (25) के रूप में हुई है, जो सभी ग्राम पोंडी (चौकी पिंडरई) के निवासी हैं।
80 हजार का मशरूका बरामद
पुलिस ने आरोपियों के पास से चोरी किए गए एक जोड़ी सोने के कान के फूल और एक जोड़ी चांदी की पायजेब बरामद की है, जिनकी कुल कीमत लगभग 80 हजार रुपये है। आवश्यक वैधानिक कार्रवाई पूरी करने के बाद पुलिस ने 11 अक्टूबर 2026 को तीनों आरोपियों को नैनपुर न्यायालय में पेश किया।
इनकी रही सराहनीय भूमिका
इस मामले का त्वरित खुलासा कर आरोपियों को पकड़ने में नैनपुर थाना प्रभारी निरीक्षक ओ.पी. रावत के निर्देशन में पिंडरई चौकी प्रभारी निरीक्षक अंशुल गुप्ता, सहायक उपनिरीक्षक सेवकराम, प्रधान आरक्षक मोहन कुड़ापे, प्रधान आरक्षक अवधेश पासी, आरक्षक सचिन रंगारे और आरक्षक जयकिशन मात्रे की अहम भूमिका रही।









