आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने की 25 हजार मानदेय, नया मोबाइल और केंद्र का समय बदलने की मांग

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने की 25 हजार मानदेय, नया मोबाइल और केंद्र का समय बदलने की मांग

  • आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री को भेजा मांग पत्र
  • आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने नियमितीकरण व मानदेय बढ़ाने की उठाई बुलंद आवाज

मंडला महावीर न्यूज 29. मप्र बुलंद आवाज नारी शक्ति, आँगनवाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका संगठन ने अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर मुख्यमंत्री, मध्यप्रदेश शासन के नाम ज्ञापन सौंपा है। संगठन की जिलाध्यक्ष अभिलाषा राय और सचिव सीमा शुक्ला ने बताया कि संगठन ने शासन से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं को जल्द से जल्द नियमित करने की मांग की है। उन्होंने कहां कि जब तक नियमितीकरण नहीं किया जाता, तब तक उनका मानदेय बढ़ाकर 20 से 25 हजार रुपये प्रतिमाह किया जाए। इसके इसके साथ ही वर्ष 2019 से 2023 तक की एरियर राशि जिसमें आँगनवाड़ी कार्यकर्ता की 1500, सहायिका की 750 और मिनी कार्यकर्ता की 1250 प्रतिमाह और ग्रेच्युटी का शीघ्र भुगतान किया जाए। इसके साथ ही कार्यकर्ताओं ने 3 साल से रुकी हुई पीएमवी प्रोत्साहन राशि की भी मांग की है।संगठन ने बताया कि ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों कार्य करने में आ रही परेशानी को देखते हुए, संगठन ने कहा है कि शासन द्वारा बंद किए गए रजिस्टरों के संधारण के लिए उन पर दबाव न बनाया जाए। उन्होंने टीएचआर पंजी, गर्भवती पंजी, टीकाकरण पंजी और निरीक्षण पंजी संधारित न करने की बात कही है। संसाधनों के संबंध में कार्यकर्ताओं ने विभाग द्वारा दी गई बीएसएनएल सिम के नेटवर्क न मिलने की समस्या उठाई है, जिससे उन्हें हर माह 300 रुपये का निजी खर्च करना पड़ रहा है। उन्होंने इसके स्थान पर जिओ की सिम उपलब्ध कराने का निवेदन किया है। साथ ही विभाग द्वारा पूर्व में दिए गए 3 जी मोबाइल खराब हो जाने की शिकायत करते हुए शासकीय कार्य के लिए नए मोबाइल या मोबाइल के एवज में खाते में राशि डालने की मांग की गई है।

आंगनबाड़ी केंद्र का समय बदलने की लगाई गुहार 

बताया गया कि आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन का समय बढ़ाकर सुबह 10.30 बजे से करने की मांग की है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि वे निचले व मध्यम वर्गीय परिवारों से आती हैं और कम मानदेय के कारण उन्हें अपने घरों के सारे काम स्वयं करने पड़ते हैं, जिससे सुबह-सुबह केंद्र पहुंचने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। संगठन ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि उनके आवेदन को स्वीकार कर शीघ्र ही इन सभी मांगों का निराकरण कर उन्हें लाभ दिलाया जाए।


 

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