कागजों में सिमटा 5500 करोड़ का टाइगर कॉरिडोर

कागजों में सिमटा 5500 करोड़ का टाइगर कॉरिडोर

एक साल बाद भी धरातल से नदारद

  • 4-लेन प्रोजेक्ट पर मंडला मांग रहा तारीख
  • पेंच-कान्हा-बांधवगढ़-पन्ना कॉरिडोर
  • सिवनी-मंडला 4-लेन का प्रस्ताव अटका
  • जनप्रतिनिधियों की चुप्पी पर जनता उठा रही सवाल

मंडला महावीर न्यूज 29.  मध्यप्रदेश के प्रमुख राष्ट्रीय उद्यानों— पेंच, कान्हा, बांधवगढ़ और पन्ना टाइगर रिजर्व को आधुनिक सड़क नेटवर्क से जोड़ने के लिए अगस्त 2025 में 5,500 करोड़ रुपये के महत्वाकांक्षी ‘टाइगर कॉरिडोर’ की घोषणा की गई थी। राज्य सरकार ने इसे करीब 625 किलोमीटर लंबे ‘टाइगर टूरिज्म कॉरिडोर’ के रूप में प्रस्तुत किया था। इसका मुख्य उद्देश्य पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ क्षेत्रीय कनेक्टिविटी, रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करना था। लेकिन अब मण्डला की जनता और विकास के पैरोकार यह सवाल पूछ रहे हैं कि यह घोषणा धरातल पर कब उतरेगी और स्थानीय जनप्रतिनिधि इस ओर कब ध्यान देंगे?

4-लेन मार्ग से बदल सकती है जिले की तस्वीर

इस व्यापक योजना के तहत सिवनी-नैनपुर-चिरईडोंगरी-मंडला मार्ग को वर्तमान 2-लेन से अपग्रेड कर 4-लेन करने का महत्वपूर्ण प्रस्ताव दर्ज है। मण्डला जैसे आदिवासी बाहुल्य जिले के लिए यह कॉरिडोर महज एक पर्यटन मार्ग नहीं है, बल्कि यह रोजगार, व्यापार, परिवहन और समग्र विकास की एक नई धुरी बन सकता है। यदि यह प्रोजेक्ट हकीकत में बदलता है, तो जिले की कनेक्टिविटी में ऐतिहासिक सुधार आएगा।

न डीपीआर, न सर्वे: फाइलों में अटका काम

योजना को घोषित हुए समय बीत चुका है, लेकिन कागजों में दर्ज 4-लेन की जगह जमीन पर लोगों को आज भी पुरानी सड़क ही नजर आ रही है। अब क्षेत्र की जनता सीधे तौर पर प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से सवाल कर रही है:

  • इस प्रोजेक्ट की डीपीआर (DPR) कब बनेगी?
  • सर्वे और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया कब शुरू होगी?
  • चूंकि यह वन्यजीव क्षेत्र है, इसलिए सुरक्षित वन्यजीव क्रॉसिंग के साथ पर्यावरणीय और प्रशासनिक मंजूरी कब मिलेगी?
  • और सबसे बड़ा सवाल— विकास की मशीनें सड़क पर कब उतरेंगी?

सिर्फ आश्वासन नहीं, समयबद्ध क्रियान्वयन की दरकार

स्थानीय लोगों का स्पष्ट कहना है कि मण्डला को अब सिर्फ कोरी घोषणाओं और आश्वासनों की जरूरत नहीं है, बल्कि एक निश्चित समय-सीमा (तारीख) चाहिए। वन्यजीव संरक्षण और मानव विकास के बीच संतुलन बनाते हुए इस प्रोजेक्ट का निर्माण होना है। क्षेत्रवासियों ने जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि वे अपनी खामोशी तोड़ें और इस बहुप्रतीक्षित योजना को कागजों से बाहर निकालकर जल्द से जल्द धरातल पर उतारने के लिए ठोस कदम उठाएं।


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