सोती हुई महिला पर बाघ का जानलेवा हमला
अलसुबह बाड़ी में घेराबंदी कर पकड़ा गया आदमखोर
- मुस्तैद वन विभाग ने 6 घंटे में किया बाघ का सफल रेस्क्यू
- कान्हा बफर जोन के अरौली गांव में महिला पर हमले के बाद दहशत
मंडला महावीर न्यूज 29. जिले के कान्हा टाइगर रिजर्व के बफर जोन अंतर्गत आने वाले ग्राम अरौली में पिछले 24 घंटे ग्रामीणों और वन अमले के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण रहे। बुधवार रात एक घर के खुले अहाते में सो रही महिला पर बाघ ने जानलेवा हमला कर दिया, जिससे पूरे इलाके में दहशत फैल गई। हालांकि घटना के बाद वन विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पूरी रात गश्त की और गुरुवार तड़के बाघ को गांव के ही एक घर की बाड़ी से सफलतापूर्वक रेस्क्यू कर लिया गया। वन विभाग, पुलिस प्रशासन और ग्रामीणों के बेहतरीन समन्वय के चलते यह चुनौतीपूर्ण अभियान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
रात के अंधेरे में सोते समय हुआ था हमला
जानकारी अनुसार बुधवार की रात्रि लगभग 10.15 बजे ग्राम अरौली निवासी 46 वर्षीय रमली बाई पति रेवाराम मरावी अपने घर के खुले हिस्से में सो रही थीं। इसी दौरान गांव के समीप पहुंचे एक बाघ ने उन पर अचानक हमला कर दिया। चीख-पुकार सुनकर परिजन और ग्रामीण दौड़े, जिसके बाद बाघ वहां से हट गया। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग का अमला तुरंत मौके पर पहुंचा। गंभीर रूप से घायल रमली बाई को तत्काल शासकीय चिकित्सालय बम्हनी बंजर ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें जिला चिकित्सालय मंडला और फिर वहां से बेहतर इलाज के लिए जबलपुर रेफर कर दिया गया। फिलहाल जबलपुर में उनका उपचार जारी है और वन विभाग द्वारा नियमानुसार उन्हें तात्कालिक आर्थिक सहायता राशि भी मुहैया करा दी गई है।
पूरी रात चली गश्त और मुनादी
महिला पर हमले के बाद गांव में किसी और अनहोनी को रोकने के लिए वन विभाग ने क्षेत्र में हाई अलर्ट घोषित कर दिया। ग्रामीणों को मुनादी के माध्यम से सतर्क किया गया कि वे घरों से बाहर न निकलें। रात में ही विशेष गश्ती दल का गठन कर पूरे इलाके की सघन घेराबंदी की गई और बाघ की गतिविधियों की निरंतर ट्रैकिंग की जाने लगी।
अलसुबह बाड़ी में दिखा बाघ, शुरू हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन
बताया गया कि गश्त के दौरान ही गुरुवार सुबह करीब पांच बजे सूचना मिली कि बाघ गांव के ही एक घर की बाड़ी में मौजूद है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए क्षेत्र को सुरक्षित किया गया और वरिष्ठ अधिकारियों से रेस्क्यू की अनुमति प्राप्त की गई। रेस्क्यू अभियान कान्हा टाइगर रिजर्व के बफर जोन की उपसंचालक अमिता केबी, वन्यप्राणी चिकित्सक डॉ. संदीप अग्रवाल, सिझौरा के सहायक संचालक आशीष कुमार पाण्डेय और वन विकास निगम मंडला की सहायक वन संरक्षक अर्चना नारनौरे के सीधे मार्गदर्शन में शुरू हुआ। खटिया परिक्षेत्र के प्रशिक्षित रेस्क्यू दल ने वन्यप्राणी चिकित्सक की मदद से बेहद सावधानी से बाघ को ट्रेंकुलाइज कर पिंजरे में कैद कर लिया। इस पूरे अभियान में थाना खटिया व टाटरी के पुलिस बल, हॉक फोर्स, राजस्व विभाग और स्थानीय ग्रामीणों का भरपूर सहयोग मिला, जिससे रेस्क्यू कार्य बिना किसी अप्रिय स्थिति के पूरा हुआ।
मुक्की क्वारंटाइन सेंटर भेजा गया बाघ
सफलतापूर्वक रेस्क्यू किए गए बाघ को वन्यप्राणी चिकित्सक की कड़ी निगरानी में मुक्की स्थित क्वारंटाइन सेंटर भेज दिया गया है। वहां उसके स्वास्थ्य और व्यवहार का बारीकी से परीक्षण किया जाएगा। वन विभाग ने रेस्क्यू के बाद भी इलाके में गश्त जारी रखी है। ग्रामीणों से अपील की गई है कि वे सतर्क रहें, रात के समय अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें और किसी भी वन्यप्राणी की गतिविधि दिखाई देने पर स्वयं उसके पास जाने के बजाय तत्काल वन विभाग को सूचित करें। विभाग का कहना है कि मानव सुरक्षा और वन्यजीव संरक्षण, दोनों ही उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता हैं।










