कार्रवाई छोड़ अवैध शराब विक्रेताओं के संग चाय-समोसे का लुत्फ उठाती दिखीं आबकारी अधिकारी

बीजाडांडी आबकारी विभाग पर उठे सवाल

कार्रवाई छोड़ अवैध शराब विक्रेताओं के संग चाय-समोसे का लुत्फ उठाती दिखीं अधिकारी

  • 181 की शिकायत पर कार्रवाई का ड्रामा
  • आबकारी अधिकारी शैली सैयाम पर शराब ठेकेदारों से सांठ-गांठ के आरोप

मंडला महावीर न्यूज 29.  जिले के बीजाडांडी क्षेत्र में अवैध शराब की बिक्री और परिवहन को लेकर आबकारी विभाग की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। क्षेत्रीय आबकारी अधिकारी शैली सैयाम पर शराब ठेकेदार और उनके गुर्गों से सांठ-गांठ करने के आरोप लगे हैं। मामला तब उजागर हुआ जब बीजाडांडी निवासी एक समाजसेवी ने 181 सीएम हेल्पलाइन के माध्यम से क्षेत्र में फैल रहे अवैध शराब के नेटवर्क की शिकायत दर्ज कराई।

शासकीय दुकान से मिनी दुकानों तक अवैध सप्लाई का आरोप 

शिकायतकर्ता ने बताया कि बीजाडांडी स्थित शासकीय शराब दुकान के कर्मचारी स्कूटी और अन्य निजी वाहनों के जरिए आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध रूप से शराब पहुंचा रहे हैं। क्षेत्र के उदयपुर, मानिकसरा, कालपी, धनवाही, पौड़ी और विजयपुर सहित आधा दर्जनों गांवों में पैकारों के माध्यम से देशी व अंग्रेजी शराब की मिनी दुकानें संचालित की जा रही हैं। इन्हीं मिनी दुकानों पर कार्रवाई की उम्मीद में ग्रामीणों ने प्रशासनिक गुहार लगाई थी।

कार्रवाई की जगह आवभगत का आरोप 

शिकायतकर्ता का आरोप है कि सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायत के बाद जब आबकारी अधिकारी शैली सैयाम अपनी टीम के साथ बीजाडांडी क्षेत्र में जांच व कार्रवाई करने पहुंचीं, तो वे अवैध शराब नेटवर्क में संलिप्त लोगों पर कार्रवाई करने के बजाय उन्हीं संदिग्धों के साथ चाय-समोसा खाती और चर्चा करती नजर आईं।

निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की मांग 

आबकारी टीम के इस रवैये को लेकर शिकायतकर्ता और स्थानीय ग्रामीणों ने विभाग की निष्पक्षता पर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कार्रवाई के नाम पर केवल औपचारिकता निभाई जा रही है, जिससे अवैध शराब विक्रेताओं के हौसले बुलंद हैं। क्षेत्रीय लोगों ने जिला प्रशासन व आबकारी विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों एवं अवैध कारोबारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।


Leave a Comment