किशोरावस्था की समस्याओं और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक हुए विद्यार्थी

किशोरावस्था की समस्याओं और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक हुए विद्यार्थी

  • नि:शुल्क स्वास्थ्य परीक्षण के साथ विशेषज्ञों ने दिए पोषण और मानसिक स्वास्थ्य के सुझाव
  • मंडला और निवास के संदीपनी विद्यालय में किशोर स्वास्थ्य दिवस का आयोजन

मंडला महावीर न्यूज 29. जिले में किशोर-किशोरियों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के उद्देश्य से किशोर स्वास्थ्य दिवस का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम विकासखंड मंडला के शासकीय संदीपनी विद्यालय सागर और विकासखंड निवास के शासकीय संदीपनी विद्यालय हाथीतारा में आयोजित हुआ, जिसमें स्वास्थ्य विभाग के दल और विशेषज्ञों ने छात्र-छात्राओं का स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें उचित मार्गदर्शन दिया।मंडला के संदीपनी विद्यालय सागर में आयोजित कार्यक्रम में जनजातीय कार्य विभाग के सांसद प्रतिनिधि नारायण प्रसाद साहू, विद्यालय प्राचार्य एवं सभी शिक्षकगण मौजूद रहे। स्वास्थ्य विभाग के राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम दल से डॉ. सविता श्याम, डॉ. टीएल झारिया, मनकक्ष विभाग से श्रीमती पारुल अवधिया परिचारिका कर्मचारी, जिला अस्पताल, कार्यक्रम समन्वयक सौरभ दुबे, उमंग परामर्शदाता अंजुम निशा सहित महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी और आशा कार्यकर्ता उपस्थित रहीं। वहीं निवास के हाथीतारा विद्यालय में सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी, महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम दल, राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम के परामर्शदाता विवेक धर द्विवेदी और मुख्य प्रशिक्षक ने विद्यार्थियों को जागरूक किया।

स्वास्थ्य परीक्षण कर मौके पर दिया उपचार 

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों का सामान्य स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। इसमें उनकी हीमोग्लोबिन की जांच, रक्तचाप की जांच और शरीर द्रव्यमान सूचकांक के माध्यम से वजन व लंबाई का आकलन किया गया। जिन बच्चों में खून की हल्की कमी पाई गई, उन्हें पोषण संबंधी उचित परामर्श दिया गया। इसके अलावा छात्रों में भूख न लगना, शरीर दर्द, दाद-खुजली, दृष्टि दोष और चोट जैसी सामान्य समस्याओं का मौके पर ही निराकरण कर दवाइयां दी गईं। गंभीर आवश्यकता वाले छात्र-छात्राओं को बेहतर स्वास्थ्य सेवा के लिए उच्च चिकित्सा संस्थानों में भेजा गया।

पोषण, मानसिक स्वास्थ्य और स्वच्छता पर किया जागरूक 

राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम के दल और परामर्शदाताओं ने किशोरावस्था में होने वाले शारीरिक और मानसिक बदलावों पर खुलकर चर्चा की। विद्यार्थियों को संतुलित पोषण आहार, लौह-तत्व युक्त भोजन का महत्व, माहवारी व व्यक्तिगत स्वच्छता, यौन एवं प्रजनन स्वास्थ्य और मानसिक तनाव प्रबंधन के बारे में विस्तार से समझाया गया। साथ ही नशीले पदार्थों के सेवन से होने वाले नुकसान, संक्रामक रोगों से बचाव और योग-ध्यान के फायदों से भी अवगत कराया गया। विशेषज्ञों ने बच्चों को प्रेरित किया कि वे अपनी किसी भी शारीरिक या मानसिक समस्या को बिना किसी झिझक के परामर्शदाता या स्वास्थ्यकर्मियों से साझा करें।

इन सहायता नंबरों की दी गई जानकारी 

छात्र-छात्राओं को भविष्य में किसी भी स्वास्थ्य या मानसिक समस्या के दौरान मदद के लिए महत्वपूर्ण जानकारियां उपलब्ध कराई गईं। उन्हें उमंग स्वास्थ्य केन्द्र, उमंग सहायता सेवा (14425), मन कक्ष, मनहित एप्लिकेशन, जस्ट आस्क स्वचालित संवाद सेवा और टेली-मानस सहायता सेवा (14416) के बारे में बताया गया, ताकि जरूरत पडऩे पर वे आसानी से परामर्श और उपचार सेवाएं प्राप्त कर सकें।


 

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