जिले में यात्री बसों के दस्तावेजों की जांच को लेकर उठे सवाल

जिले में यात्री बसों के दस्तावेजों की जांच को लेकर उठे सवाल

एक माह का विशेष अभियान चलाने की मांग

  • बस परिवहन व्यवस्था और यात्री सुरक्षा पर उठे सवाल
  • परमिट, फिटनेस और बीमा के भौतिक सत्यापन की मांग

मंडला महावीर न्यूज 29. जिले में संचालित यात्री बसों की परिवहन व्यवस्था और यात्रियों की सुरक्षा को लेकर समाजसेवी अखिलेश सोनी ने परिवहन विभाग एवं जिला प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराया है। उन्होंने बसों के परमिट, फिटनेस, बीमा और अन्य आवश्यक दस्तावेजों की नियमित व सघन जांच के लिए जिले भर में एक माह का विशेष अभियान चलाए जाने की मांग की है।

समाजसेवी अखिलेश सोनी का कहना है कि बसों का किराया बढऩे के बाद यात्रियों को परिवहन सेवाओं में आवश्यक सुविधाएं और सुरक्षा मानकों का पूरा लाभ मिलना चाहिए। चूंकि आम यात्री स्वयं बसों के दस्तावेजों की जांच नहीं कर पाता, इसलिए विभाग को ऐसी व्यवस्था बनानी चाहिए जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि जिस बस में यात्री सफर कर रहे हैं, उसके सभी दस्तावेज वैध हैं।

दस्तावेजों के दुरुपयोग की आशंका, भौतिक सत्यापन की मांग 

अखिलेश सोनी ने आशंका जताई है कि कुछ मामलों में एक वाहन के दस्तावेजों का उपयोग किसी अन्य वाहन के संचालन में किए जाने की संभावना हो सकती है। इस स्थिति को स्पष्ट करने के लिए उन्होंने परिवहन विभाग से मांग की है कि जांच के दौरान मौके पर मौजूद वाहन, उसके पंजीयन नंबर और सरकारी रिकॉर्ड का भौतिक मिलान किया जाए, जिससे किसी भी प्रकार की गड़बड़ी सामने आने पर नियमानुसार कार्रवाई की जा सके।

अधूरे दस्तावेजों के कारण यात्रियों को हुई थी परेशानी 

एक हालिया घटना का उल्लेख करते हुए सोनी ने दावा किया कि एक समिति द्वारा किसी कार्यक्रम के लिए बस बुक की गई थी, जिसमें महिलाएं और बच्चे भी सवार थे। रास्ते में दो अलग-अलग जांच बिंदुओं पर बस के फिटनेस और परमिट संबंधी दस्तावेजों की स्थिति स्पष्ट न होने के कारण यात्रियों को काफी देर तक इंतजार करना पड़ा और भारी असुविधा झेलनी पड़ी। अंतत: यात्रियों के लिए वैकल्पिक वाहन की व्यवस्था करनी पड़ी। हालांकि इस घटनाक्रम को लेकर अभी संबंधित विभाग से आधिकारिक पुष्टि और प्रतिक्रिया आना बाकी है।

शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में चले एक माह का विशेष अभियान 

यात्रियों की सुरक्षा और परिवहन व्यवस्था में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन, पुलिस और परिवहन विभाग से शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में एक माह तक विशेष जांच अभियान चलाने की मांग की गई है। अखिलेश सोनी ने मांग की है कि केवल सड़कों पर ही नहीं, बल्कि बस स्टैंड और अन्य स्थानों पर खड़ी बसों के परमिट, फिटनेस और बीमा की भी जांच की जाए। जांच में कमी या अनियमितता पाए जाने पर सख्त कार्रवाई हो, जिससे भविष्य में यात्रियों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।


Leave a Comment