मवई और आसपास के गांवों में जिओ नेटवर्क ध्वस्त
फोन पर बात करने के लिए भी मुख्यालय आने को मजबूर ग्रामीण, जताया विरोध
- नेटवर्क की बदहाली से किसानों के धान पंजीयन और छात्रों की ऑनलाइन पढ़ाई ठप
- आक्रोशित ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी
- टावर की रेंज घटने से दर्जनों गांवों में संपर्क टूटा
मंडला महावीर न्यूज 29. जिले के मवई नगर मुख्यालय एवं आसपास के ग्रामीण अंचलों में पिछले कुछ महीनों से जिओ कंपनी की लचर नेटवर्क व्यवस्था से आमजन खासे परेशान हैं। क्षेत्र में प्रमुख संचार सुविधा के रूप में स्थापित जिओ टावर की रेंज अचानक काफी कम हो गई है। आलम यह है कि मवई मुख्यालय और उसके मात्र एक किलोमीटर के दायरे में भी मोबाइल नेटवर्क ठीक से काम नहीं कर रहा है। इस समस्या से तंग आकर गुरुवार को ग्राम रमतीला सहित आसपास के ग्रामीणों ने मवई पहुंचकर जमकर विरोध प्रदर्शन किया।
बताया गया कि नेटवर्क की इस गंभीर समस्या का सीधा असर विद्यार्थियों, किसानों और आम नागरिकों के रोजमर्रा के कार्यों पर पड़ रहा है। इंटरनेट और कॉलिंग सेवा बाधित होने से जहां छात्रों की ऑनलाइन पढ़ाई व जरूरी डिजिटल कार्य ठप पड़े हैं, वहीं क्षेत्र के किसानों को धान फसल के पंजीयन जैसे महत्वपूर्ण ऑनलाइन कार्य कराने में भारी मशक्कत करनी पड़ रही है।
फोन पर बात करने के लिए मवई आने की मजबूरी
मवई के पोषक ग्राम रमतीला के ग्रामीणों ने अपनी पीड़ा बताते हुए कहा कि गांव में घरों के भीतर नेटवर्क न मिलने से आपात स्थिति में फोन पर बात तक नहीं हो पाती। लोगों को महज एक कॉल करने के लिए गांव से मवई मुख्यालय तक आना पड़ता है। ग्रामीणों के अनुसार रमतीला के अलावा खुर्सीपार, बहराटोला, बिलगांव सहित आसपास के कई टोला-मोहल्लों में भी जिओ नेटवर्क की स्थिति बेहद दयनीय बनी हुई है।
ग्रामीणों ने दी उग्र आंदोलन की चेतावनी
नेटवर्क समस्या के स्थायी समाधान की मांग को लेकर गुरुवार को ग्राम रमतीला से बड़ी संख्या में ग्रामीण मवई पहुंचे और कंपनी की कार्यप्रणाली के खिलाफ आक्रोश व्यक्त किया। ग्रामीणों ने जिओ कंपनी और संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि टावर की रेंज और नेटवर्क व्यवस्था में तत्काल सुधार किया जाए। ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही समस्या का निराकरण नहीं किया गया, तो वे उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष रानू संतोष हरदाहा, लक्ष्मीकांत पाठक, निर्मल दास, प्रेमदास पड़वार, मोहित खरवार, संदीप सहित बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण मौजूद रहे।










