मुख्य चुनाव आयुक्त का इस्तीफा मांगने उतरी कांग्रेस का मंडला में प्रदर्शन

मुख्य चुनाव आयुक्त का इस्तीफा मांगने उतरी कांग्रेस का मंडला में प्रदर्शन

  • पुलिस से झड़प के बाद वाटर कैनन का प्रयोग, कार्यकर्ता गिरफ्तार
  • पुलिस बैरिकेड्स पर चढ़े कार्यकर्ता, मंडला कांग्रेस ने राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन

मंडला महावीर न्यूज 29. मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर मध्य प्रदेश कांग्रेस के आह्वान पर मंडला जिला मुख्यालय में कांग्रेसजनों ने जोरदार प्रदर्शन किया। जिला कांग्रेस कार्यालय से पैदल मार्च निकालते हुए कलेक्ट्रेट कार्यालय की ओर बढ़ रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पुलिस ने बैरिकेडिंग कर रोकने का प्रयास किया, जिससे पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी झड़प हो गई। चुनाव प्रक्रिया में धांधली और वोट चोरी का आरोप लगाते हुए आक्रोशित कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने पुलिस द्वारा लगाए गए बैरिकेड्स को गिराने और उन पर चढऩे का प्रयास किया। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने कड़ी सख्ती दिखाई, जिसके बाद दोनों पक्षों में धक्का-मुक्की शुरू हो गई। व्यवस्था को नियंत्रित करने और भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन का उपयोग किया।जानकारी अनुसार कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष और पूर्व विधायक डॉ. अशोक मर्सकोले के नेतृत्व में कांग्रेसजनों ने मंडला कलेक्टर के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन सौपने से पहले बैगा, बैगी चौक में पुतला दहन किया। इसके बाद ज्ञापन सौपा। जिला कांग्रेस कमेटी मंडला ने ज्ञापन के माध्यम से मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की है। ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूती के लिए निर्वाचन आयोग जैसी संवैधानिक संस्था की निष्पक्षता और जवाबदेही अत्यंत आवश्यक है। वर्तमान में मतदाता सूची, नाम जोडऩे और हटाने की प्रक्रिया, एसआईआर और पूरी चुनावी प्रक्रिया को लेकर सार्वजनिक रूप से अनेक सवाल उठ रहे हैं। राजनीतिक दलों और नागरिकों द्वारा मांग की जा रही है कि तथ्यों और प्रक्रियाओं की जानकारी पारदर्शी तरीके से सार्वजनिक की जाए। कांग्रेस का कहना है कि प्रत्येक मतदाता को यह भरोसा होना चाहिए कि उसका वोट सुरक्षित है और निर्वाचन प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष है।

ज्ञापन में राष्ट्रपति से की प्रमुख मांगें 

ज्ञापन के माध्यम से राष्ट्रपति से मांग की गई है कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर उचित संवैधानिक स्तर पर विचार किया जाए। मतदाता सूची एवं एसआईआर से संबंधित शिकायतों और आपत्तियों की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच सुनिश्चित की जाए। निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़े सभी महत्वपूर्ण सवालों का तथ्यात्मक एवं सार्वजनिक स्पष्टीकरण दिया जाए। निर्वाचन आयोग की स्वतंत्रता, निष्पक्षता एवं जनता के विश्वास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।

सड़क पर दिया धरना, पुलिस ने लिया हिरासत में 

वाटर कैनन के प्रयोग के बाद भी कार्यकर्ता पीछे हटने के बजाय वहीं सड़क पर धरने पर बैठ गए और सरकार तथा निर्वाचन आयोग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। काफी देर तक चले मान-मनौव्वल के बाद पुलिस ने स्थिति पर काबू पाते हुए प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया और बसों में भरकर ले गई।

पूर्व विधायक के नेतृत्व में हुआ शक्ति प्रदर्शन 

विशाल प्रदर्शन पूर्व विधायक डॉ. अशोक मर्सकोले के नेतृत्व में आयोजित किया गया था, जिसमें जिले भर से सैकड़ों की संख्या में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता मंडला पहुंचे। पैदल मार्च से पूर्व जिला कांग्रेस कार्यालय में एक आम सभा का आयोजन किया गया। सभा को जिला संगठन प्रभारी जगदीश सैनी, एडवोकेट राकेश तिवारी, एडवोकेट संजय चौरसिया, गुलाब सिंह उइके एवं डॉ. अशोक मर्सकोले सहित अन्य वक्ताओं ने संबोधित करते हुए निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर तीखे सवाल उठाए। डॉ. अशोक मर्सकोले ने कहां कि यह विषय केवल किसी एक राजनीतिक दल तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सीधे तौर पर जनता के मत, संविधान और लोकतांत्रिक संस्थाओं में विश्वास से जुड़ा हुआ है। इसलिए जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए राष्ट्रपति से आवश्यक संवैधानिक कार्रवाई करने की मांग की गई है।


 

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