मंडला के बॉटल आर्टिस्ट त्रिलोक सिंधिया का कमाल
20 दिन की कड़ी मेहनत से बांस और लकड़ी से साकार किया मीनाक्षी मंदिर
- 6 फीट ऊंचे मीनाक्षी मंदिर के भव्य स्वरूप में विराजे गजानन
- बप्पा के साथ-साथ अद्भुत कलाकृति बनी आकर्षण का केंद्र
मंडला महावीर न्यूज 29. गणेशोत्सव के पावन पर्व पर श्रद्धालु बप्पा के पंडालों को आकर्षक बनाने के लिए तरह-तरह के जतन कर रहे हैं। इसी कड़ी में मंडला के प्रसिद्ध बॉटल आर्टिस्ट त्रिलोक सिंधिया ने अपनी अद्भुत कला का प्रदर्शन करते हुए अपने घर में भगवान गणेश के लिए दक्षिण भारत के प्रसिद्ध मीनाक्षी मंदिर के स्वरूप का एक भव्य पंडाल तैयार किया है।
पूर्ण रूप से इको फ्रेंडली इस आकर्षक मंदिर की ऊंचाई लगभग 6 फीट है, जिसे बांस और लकड़ी का उपयोग करके बनाया गया है। इस मनमोहक और बारीकी से तराशी गई कलाकृति को तैयार करने में आर्टिस्ट त्रिलोक सिंधिया को करीब 20 दिनों का समय लगा। मंदिर की सजावट और कलाकारी इतनी सूक्ष्म है कि यह देखने में बेहद सजीव और मनमोहक नजर आ रहा है।
हर साल करते हैं अनोखा प्रयोग
बताया गया कि त्रिलोक सिंधिया कला के प्रति अपने समर्पण के लिए जाने जाते हैं। वे हर वर्ष गणेशोत्सव पर अपने घर में बप्पा की स्थापना के लिए कुछ नया और अनोखा रचनात्मक कार्य करते हैं। इस वर्ष मीनाक्षी मंदिर की वास्तुकला को आधार बनाकर किया गया उनका यह प्रयोग बेहद सफल रहा। उनकी इस रचनात्मकता को देखकर लोग मंत्रमुग्ध हैं। घर में विराजे गणेश जी के दर्शनों के साथ-साथ बांस और लकड़ी से बना यह अनोखा मंदिर भी लोगों और कला प्रेमियों के बीच आकर्षण का प्रमुख केंद्र बना हुआ है।










