संलग्न शिक्षकों के पदस्थापना निरस्त आदेश में संशोधन

संलग्न शिक्षकों के पदस्थापना निरस्त आदेश में संशोधन

29 सितंबर 2023 से पूर्व पदस्थ शिक्षकों को मिली बड़ी राहत

  • बीएलओ और जनगणना ड्यूटी कर रहे शिक्षकों को आदेश से छूट
  • टीचर्स एसोसिएशन ने माना मंडला कलेक्टर का आभार

मंडला महावीर न्यूज 29.  ट्राइबल वेलफेयर टीचर्स एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल और जिला प्रशासन के बीच हुई विस्तृत चर्चा के बाद संलग्न शिक्षकों के पदस्थापना निरस्तीकरण आदेश में महत्वपूर्ण संशोधन किया गया है। कलेक्टर राहुल नामदेव धोटे के निर्देश पर सहायक आयुक्त अरुण शुक्ला ने तत्काल प्रभाव से संशोधित आदेश जारी कर जिले के कई शिक्षकों को बड़ी राहत दी है। एसोसिएशन ने विद्यार्थियों के हित और शिक्षकों की व्यावहारिक समस्याओं को गंभीरता से सुनने व त्वरित निराकरण के लिए जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया है।बताया गया कि संशोधित आदेश में बताया गया कि 29 सितंबर 2023 से पहले के प्रकरणों को राहत मिली है, इस तिथि के पूर्व से पदस्थ शिक्षकों को आदेश से राहत प्रदान करते हुए उन्हें यथावत अपने वर्तमान स्थान पर कार्य करने की अनुमति दी गई है। जनगणना कार्य में संलग्न प्रगणकों और बूथ लेवल अधिकारियों को इस संपूर्ण कार्रवाई के दायरे से बाहर रखा गया है, ताकि महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य प्रभावित न हों। पति-पत्नी समायोजन, गंभीर बीमारी से पीडि़त शिक्षक और जिनकी सेवानिवृत्ति में एक वर्ष से कम का समय शेष है, उनके प्रकरणों पर प्राप्त आवेदनों के आधार पर प्रशासन अलग से विचार करेगा।बताया गया कि प्रतिनिधिमंडल की मांग पर कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि पदस्थापना और संलग्नीकरण में जिन अधिकारियों या कर्मचारियों ने अनियमितताएं की हैं, उनके विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने अवगत कराया है कि अतिशेष शिक्षकों का निर्धारण वर्तमान संलग्नीकरण प्रक्रिया के पूरी होने के बाद शीघ्रता से किया जाएगा। इस मानवीय और व्यावहारिक निर्णय के लिए टेवटा के प्रदेश अध्यक्ष डी.के. सिंगौर, जिला अध्यक्ष दिलीप मरावी, शिव शंकर पाण्डेय, सनातन सैनी, भागवत सिंगौर और चंदन पटेल ने कलेक्टर और सहायक आयुक्त के प्रति कृतज्ञता जाहिर की है। संगठन का मानना है कि इस कदम से शिक्षकों के बीच एक बेहद सकारात्मक संदेश गया है।


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