वृद्धाश्रम में मौतों का सिलसिला जारी

बीजाडांडी में अमानवीयता, लापरवाही ने ली एक और जान

अवैध रूप से संचालित वृद्धाश्रम में मौतों का सिलसिला जारी

  • बीजाडांडी के सैद्धांतिक सीनियर सिटीजन होम में वृद्ध की संदिग्ध मौत
  • शव लेकर भाग रहे थे कर्मचारी, एफआईआर के निर्देश

मंडला महावीर न्यूज 29.  आदिवासी बाहुल्य मंडला जिले में इंसानियत को शर्मसार करने वाला एक मामला सामने आया है। जिले के बीजाडांडी ब्लॉक मुख्यालय में संचालित सैद्धांतिक सीनियर सिटीजन होम वृद्धाश्रम इन दिनों बेसहारा वृद्धों के लिए सुरक्षित आश्रय की बजाय मौत का केंद्र बनता जा रहा है। यहां खराब व्यवस्था, घोर लापरवाही और अमानवीयता के चलते पिछले कुछ महीनों से लगातार वृद्धजनों की मौत का सिलसिला जारी है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि यह वृद्धाश्रम प्रशासन की बिना किसी वैध अनुमति के पूरी तरह से अवैध रूप से संचालित किया जा रहा था। इस पूरे मामले का भंडाफोड़ तब हुआ जब विगत बुधवार को एक और बुजुर्ग की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई।जानकारी अनुसार बुधवार को इस वृद्धाश्रम में एक बुजुर्ग की संदिग्ध मौत हो गई। घटना के बाद आश्रम के कर्मचारी आनन-फानन में मृत वृद्ध को लेकर स्थानीय शासकीय अस्पताल पहुंचे। अस्पताल में जांच के बाद डॉक्टरों ने स्पष्ट किया कि वृद्ध की मौत काफी देर पहले ही हो चुकी है। यह सुनते ही वृद्धाश्रम के कर्मचारी घबरा गए और अपने कृत्य को छिपाने के उद्देश्य से मृतक के शव को लेकर अस्पताल से भागने लगे। हालांकि अस्पताल के डॉक्टरों ने तत्परता दिखाते हुए तुरंत इसकी सूचना स्थानीय पुलिस को दी। पुलिस के कड़े हस्तक्षेप के बाद बड़ी मुश्किल से मृतक का पोस्टमार्टम कराया जा सका, जिससे आश्रम संचालकों की मंशा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

पिछले माह भी हुई थी मौत, बिना पोस्टमार्टम कर दिया था दफन 

इस वृद्धाश्रम का विवादों से पुराना नाता रहा है। बताया जा रहा है कि पिछले महीने भी यहां एक वृद्ध की संदिग्ध मौत हुई थी। उस समय आश्रम प्रबंधन ने घोर लापरवाही का परिचय देते हुए पुलिस और प्रशासन को सूचना दिए बिना ही शव को दफना दिया था। जब इस अमानवीय कृत्य का खुलासा हुआ और मामला सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगा, तब खुद को बचाने के लिए कर्मचारियों ने स्थानीय पुलिस व नायब तहसीलदार को इसकी जानकारी दी। हैरानी की बात यह है कि उस घटना के बाद भी संबंधित वृद्धाश्रम और उसके कर्मचारियों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, जिससे उनके हौसले बुलंद होते गए।

अवैध रूप से संचालित है आश्रम 

वृद्धाश्रम में लगातार हो रही मौतों और कुव्यवस्था को लेकर जब जिला पंचायत के सीईओ शाश्वत सिंह मीणा से संपर्क किया गया, तो उन्होंने कहां कि उक्त वृद्धाश्रम को हमारे विभाग से संचालन की कोई अनुमति नहीं दी गई है। यह केंद्र पूरी तरह से अवैध तरीके से संचालित हो रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए हमारे अधिकारियों ने संबंधित वृद्धाश्रम और उसके संचालकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के लिए संबंधित थाने में आधिकारिक आवेदन दे दिया है।

दस्तावेज नहीं हैं, मामले की गहन जांच जारी 

पुलिस महकमा भी अब इस मामले में पूरी तरह से सतर्क हो गया है। मंडला के एडिशनल एसपी शिवकुमार वर्मा ने मामले की जानकारी देते हुए बताया बीजाडांडी में संचालित इस वृद्धाश्रम के पास संचालन के लिए कोई प्रॉपर दस्तावेज या अनुमति नहीं है। पिछले माह हुई वृद्ध की मौत की जानकारी भी पुलिस और संबंधित विभाग के संज्ञान में है। आज हुई मौत के मामले में हमने शव का पोस्टमार्टम कराकर उसे परिजनों को सौंप दिया है। फिलहाल पुलिस और संबंधित विभाग की टीम मामले की संयुक्त जांच में जुटी हुई है। जांच में जो भी तथ्य और साक्ष्य सामने आएंगे, उसके आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


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