10 हजार की थी डिमांड, 8 हजार लेते ट्रैप हुए नायब तहसीलदार का निजी कर्मचारी

लोकायुक्त की कार्रवाई

10 हजार की थी डिमांड, 8 हजार लेते ट्रैप हुए नायब तहसीलदार का निजी कर्मचारी

  • नामांतरण के नाम पर मांगे थे रूपए, रंगे हाथ गिरफ्तार
  • बम्हनी बंजर उप-तहसील कार्यालय में लोकायुक्त का छापा

मंडला महावीर न्यूज 29. भ्रष्टाचार पर लगाम कसने के लिए लोकायुक्त पुलिस ने मंडला जिले में एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। गुरुवार को जबलपुर लोकायुक्त की टीम ने जिले की उप-तहसील बम्हनी बंजर में पदस्थ नायब तहसीलदार अजय श्रीवास्तव और उनके बाबू के रूप में काम कर रहे निजी कर्मचारी हरीश सिंगौर 42 वर्ष निवासी ढेको को 8 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई जमीन के नामांतरण के एवज में मांगी गई घूस की शिकायत पर की गई।बताया गया कि ग्राम सिलगी निवासी 55 वर्षीय आवेदक रोहणी प्रसाद चंद्रौल ने लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक कार्यालय जबलपुर में रिश्वत मांगने की शिकायत दर्ज कराई थी। आवेदक ने बताया कि उनके पिता झनक लाल के नाम पर ग्राम सिलगी में कृषि भूमि थी, जिसे उन्होंने वसीयत के माध्यम से अपने पोते आवेदक के बेटे आलोक चंद्रौल के नाम कर दिया था। इस जमीन के नामांतरण के लिए ऑनलाइन आवेदन करने के बाद जब आवेदक बम्हनी बंजर कार्यालय पहुंचा, तो वहां पदस्थ नायब तहसीलदार अजय श्रीवास्तव और उनके लिए काम कर रहे प्राइवेट व्यक्ति हरीश सिंगौर ने आदेश जारी करने के एवज में 10 हजार रुपये की मांग की।

लोकायुक्त ने रंगे हाथों दबोचा 

बताया गया कि रिश्वत मांगने की शिकायत के सत्यापन के दौरान आरोपियों ने आठ हजार रुपये में काम करने की सहमति दी। इसके बाद लोकायुक्त टीम ने जाल बिछाया और 17 सितंबर को बम्हनी बंजर उप-तहसील कार्यालय परिसर में आरोपी हरीश सिंगौर को 8 हजार रुपये की रिश्वत राशि लेते हुए रंगे हाथों दबोच लिया। दोनों आरोपियों के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।

कार्रवाई में ये रहे शामिल 

यह पूरी कार्रवाई मध्यप्रदेश लोकायुक्त के पुलिस महानिदेशक योगेश देशमुख के निर्देशन और उप महानिरीक्षक मनोज सिंह के नेतृत्व में की गई। जबलपुर लोकायुक्त की इस ट्रैप टीम में टीएलओ निरीक्षक शशि कला मुसकुले, निरीक्षक राहुल गजभिए और निरीक्षक जितेंद्र यादव सहित अन्य सदस्य शामिल रहे। कार्रवाई के बाद लोकायुक्त ने आम जनता से अपील की है कि यदि कोई भी शासकीय अधिकारी या कर्मचारी किसी काम के एवज में रिश्वत की मांग करता है, तो बेझिझक लोकायुक्त कार्यालय या दूरभाष पर संपर्क कर अपनी शिकायत दर्ज कराएं।


 

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