कान्हा टाइगर रिजर्व में बारहसिंगा संरक्षण को बड़ी सफलता
कान्हा में बारहसिंगा की आबादी 1100 के पार
- घास के मैदानों में गूंजी 51 नए शावकों की किलकारी
- कभी विलुप्ति की कगार पर थे हार्ड ग्राउंड बारहसिंगा
- 1970 के 66 के आंकड़े से बढ़कर अब 1500 का लक्ष्य
- सतपुड़ा और बांधवगढ़ में भी बढ़ रही संख्या
मंडला महावीर न्यूज 29. विश्व प्रसिद्ध कान्हा टाइगर रिजर्व में दुर्लभ हार्ड ग्राउंड बारहसिंगा के संरक्षण की कोशिशें लगातार रंग ला रही हैं। कभी विलुप्ति की कगार पर पहुंच चुके इन वन्यजीवों की आबादी अब बढ़कर 1100 से अधिक हो गई है। इसी बीच कान्हा के प्राकृतिक घास के मैदानों में 51 नए शावकों का जन्म हुआ है, जिससे पार्क प्रबंधन और वन्यजीव प्रेमियों में भारी उत्साह देखा जा रहा है। वन विभाग इन नवजात शावकों के सुरक्षित विकास और संरक्षण के लिए लगातार विशेष निगरानी रख रहा है।
जानकारी अनुसार एक समय ऐसा था जब बारहसिंगा के अस्तित्व पर गंभीर संकट मंडरा रहा था। वर्ष 1970 में इनकी कुल संख्या घटकर महज 66 रह गई थी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग ने वैज्ञानिक प्रबंधन, आवास संरक्षण और सतत निगरानी जैसे पुख्ता कदम उठाए। इन सफल प्रयासों का ही परिणाम है कि आज कान्हा टाइगर रिजर्व देश-दुनिया में हार्ड ग्राउंड बारहसिंगा के संरक्षण के प्रमुख केंद्र के रूप में अपनी विशिष्ट पहचान बना चुका है।
अन्य रिजर्वों में भी सफल हो रहा पुर्नस्थापना अभियान
कान्हा टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर रवींद्र मणि त्रिपाठी ने बताया कि कान्हा से बारहसिंगा को अन्य संरक्षित क्षेत्रों में भेजने के प्रयास भी बेहद सफल साबित हो रहे हैं। सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में कान्हा से बारहसिंगा भेजे जाने के बाद अब वहां इनकी संख्या बढ़कर लगभग 300 तक पहुँच गई है। वहीं बांधवगढ़ में भी इनकी आबादी बढ़कर करीब 50 तक पहुँच चुकी है। अब विभाग द्वारा बांधवगढ़ में बारहसिंगा के और नए समूह भेजने की तैयारी की जा रही है, ताकि वहां भी इस प्रजाति की आबादी को मजबूती दी जा सके।
विभाग रख रहा विशेष निगरानी
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि बारहसिंगा के नवजात शावक शुरुआती दिनों में बेहद असहाय होते हैं और ठीक से चल भी नहीं पाते हैं। इनकी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विभागीय टीमें लगातार क्षेत्र की मॉनिटरिंग कर रही हैं। बारहसिंगा के प्रजनन का मुख्य दौर दिसंबर से शुरू होकर जनवरी-फरवरी तक चलता है।
1500 से अधिक आबादी का है नया लक्ष्य
कान्हा प्रबंधन ने आने वाले समय में यहाँ बारहसिंगा की कुल आबादी को 1500 से अधिक करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके साथ ही देश के अन्य राष्ट्रीय उद्यानों में भी इस अनूठी प्रजाति को सफलतापूर्वक स्थापित करने के प्रयास जारी हैं। कान्हा में महज 66 से शुरू हुआ यह सफर अब 1100 के पार पहुँच गया है, जिसे वन्यजीव संरक्षण इतिहास की एक बड़ी और ऐतिहासिक उपलब्धि माना जा रहा है।









