ताकबेली में जल जीवन मिशन ने तोड़ा दम
9 महीने से पानी की टंकी का निर्माण ठप, प्यासे ग्रामीणों में भारी आक्रोश
- ठेकेदार और अफसरों की लापरवाही की भेंट चढ़ी हर घर नल योजना
- ग्रामीणों ने दी चेतावनी, एक हफ्ते में काम शुरू नहीं हुआ तो जनसुनवाई में करेंगे घेराव
मंडला महावीर न्यूज 29. मध्य प्रदेश शासन की महत्वाकांक्षी योजना जल जीवन मिशन, हर घर नल, हर घर जल जमीनी स्तर पर ठेकेदारों और विभागीय अधिकारियों की घोर लापरवाही की भेंट चढ़ती नजर आ रही है। ताजा मामला मंडला जिले की निवास तहसील के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत मनेरी के पोषक ग्राम ताकबेली का है। यहां पेयजल आपूर्ति के लिए स्वीकृत पानी की टंकी का निर्माण कार्य पिछले 8 से 9 महीनों से पूरी तरह बंद पड़ा है, जिससे ग्रामीणों की उम्मीदों पर पानी फिर गया है।
आजादी के बाद जगी थी उम्मीद, ठेकेदार ने फेरा पानी
देश को आजाद हुए सात दशक से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन ताकबेली गांव में आज तक पेयजल आपूर्ति के लिए शासन-प्रशासन द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया था। जब जल निगम और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा जल जीवन मिशन के तहत गांव में पानी की टंकी का निर्माण कार्य स्वीकृत किया गया, तो ग्रामीणों की वर्षों पुरानी प्यास बुझने की आस जगी थी। लगभग एक वर्ष पूर्व इस टंकी का निर्माण कार्य शुरू भी हुआ, लेकिन कुछ ही समय बाद ठेकेदार ने काम अधूरा छोड़ दिया। आज स्थिति यह है कि पिछले 8-9 महीनों से निर्माण स्थल पर एक ईंट नहीं रखी गई है और जिम्मेदार लोगों का कहीं कोई अता-पता नहीं है।
सरपंच की शिकायत के बावजूद विभागीय अधिकारी मौन
इस लापरवाही के चलते गांव की महिलाओं और आम नागरिकों को भारी जल संकट का सामना करना पड़ रहा है। ग्राम पंचायत के सरपंच द्वारा जल निगम और पीएचई विभाग के अधिकारियों को इस अधूरे कार्य और ठेकेदार की मनमानी से अवगत कराया जा चुका है। इसके बावजूद विभागीय अधिकारियों द्वारा कोई संज्ञान नहीं लिया गया है। अधिकारियों की इस चुप्पी ने शासन की इस जनकल्याणकारी योजना के क्रियान्वयन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
ग्रामीणों का अल्टीमेटम, जनसुनवाई में पहुंचेंगे
अधूरे पड़े निर्माण कार्य और प्रशासन की निरंतर अनदेखी से ताकबेली के ग्रामीणों का धैर्य अब जवाब दे चुका है। समस्त ग्रामवासियों ने सरपंच के नेतृत्व में प्रशासन को एक सप्ताह का अल्टीमेटम दिया है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि 7 दिनों के भीतर पानी की टंकी का निर्माण कार्य पुन: प्रारंभ नहीं किया जाता है, तो पूरे गांव के लोग सरपंच के साथ जिला मुख्यालय पहुंचकर जनसुनवाई में अपना आवेदन सौंपेंगे और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ मोर्चा खोलेंगे।










