बुढऩेर नदी के पुल पर टला बड़ा हादसा
सीमेंट के शोल्डर में फंसा पिकअप का पहिया
- पिकअप वाहन का पट्टा टूटने से बिगड़ा संतुलन
- 35-40 फीट नीचे गिरने से बचा वाहन
- पुल पर रेलिंग नहीं होने से सुरक्षा पर उठे सवाल
मंडला महावीर न्यूज 29. बुढऩेर नदी पर बने पुराने पुल पर सोमवार सुबह करीब 8 बजे बड़ा हादसा टल गया। मुर्गियों से लदी एक पिकअप का सेकंड फ्लोर वाला पट्टा टूटने के बाद वाहन का संतुलन बिगड़ गया। इसी दौरान पिकअप का पहिया पुल पर रेलिंग के स्थान पर बने सीमेंट के शोल्डर के बीच फंस गया। इससे वाहन नीचे गिरने से बच गया। करीब 35 से 40 फीट ऊंचे पुल पर सुरक्षा रेलिंग नहीं होने के कारण हादसे का खतरा और बढ़ गया था। गनीमत रही कि चालक सुरक्षित बच गया।
मुर्गियां खाली कर लौट रहा था चालक
जानकारी के अनुसार पिकअप चालक राजू मलिक निवासी खाले गिठौरी थाना मोहगांव, गिठौरी से कुछ मुर्गियां खाली करने के बाद वापस लौट रहा था। सोमवार सुबह करीब 8 बजे बुढऩेर नदी के पुल पर पहुंचने के दौरान पिकअप का सेकंड फ्लोर वाला पट्टा टूट गया। इससे वाहन का संतुलन बिगड़ गया और पहिया पुल पर बने सीमेंट के शोल्डर के बीच फंस गया। इसी वजह से पिकअप नीचे गिरने से बच गई। घटना के बाद वाहन को सुरक्षित निकालने के लिए मशक्कत करनी पड़ी।
अक्टूबर में भी रेलिंग का इंतजार
स्थानीय लोगों ने बताया कि पुल काफी पुराना है और इस मार्ग पर वाहनों की आवाजाही बनी रहती है। बताया जाता है कि हर साल बारिश के मद्देनजर 15 जून से पहले पुल की रेलिंग निकाल दी जाती है और अक्टूबर में दोबारा लगाई जाती है। लेकिन अक्टूबर का आधा महीना बीतने के बाद भी रेलिंग नहीं लगाई गई है। ऐसे में दोपहिया वाहन चालकों, पैदल राहगीरों और स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है।
कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा
करीब 40 फीट ऊंचे पुल पर सुरक्षा रेलिंग नहीं होने से वाहन का संतुलन बिगडऩे पर नदी में गिरने का खतरा बना रहता है। सोमवार को पिकअप का पहिया सीमेंट के शोल्डर में फंसने से वाहन नीचे गिरने से बच गया, लेकिन हर बार ऐसा होना जरूरी नहीं है। स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से पुल पर तत्काल मजबूत रेलिंग लगाने और चेतावनी संकेतक लगाने की मांग की है। लोगों का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए किसी बड़े हादसे का इंतजार नहीं किया जाना चाहिए।
रिपोर्टर- गर्जेन्द्र पटेल, अंजनिया, मंडला ✍️









