बीजाडांडी शराब दुकान में खुली लूट, प्रिंट रेट से अधिक कीमत वसूल रहे सेल्समैन

बीजाडांडी शराब दुकान में खुली लूट

प्रिंट रेट से अधिक कीमत वसूल रहे सेल्समैन

  • आबकारी नियमों की उड़ा रहे धज्जियां
  • दुकान से नदारद है रेट लिस्ट
  • सुरा प्रेमियों से अधिक पैसे ऐंठने का खेल जारी

मंडला महावीर न्यूज 29. जनपद मुख्यालय बीजाडांडी स्थित कंपोजिट शराब दुकान में इन दिनों उपभोक्ताओं की जेब पर डाका डाला जा रहा है। शराब दुकान के संचालकों द्वारा प्रिंट रेट से अधिक कीमत पर शराब बेचे जाने का मामला अब आम हो गया है। शासन के कड़े नियमों के बावजूद बीजाडांडी में शराब प्रेमी न केवल आर्थिक शोषण का शिकार हो रहे हैं, बल्कि विरोध करने पर उन्हें सेल्समैनों की बदसलूकी और गाली-गलौज का सामना भी करना पड़ रहा है।

201 का क्वाटर 220 में

सूत्रों ने बताया कि जब मंडला से जबलपुर की ओर जा रहे एक युवक अपने मित्र के साथ शराब खरीदने दुकान पर पहुँचा। पीडि़त युवक ने बताया कि उसने मेकडॉवल नंबर वन विस्की का एक क्वाटर खरीदा, जिसकी अधिकतम खुदरा कीमत 201 रुपये अंकित थी। लेकिन दुकान पर मौजूद सेल्समैन ने उससे 220 रुपये की मांग की। युवक के पास नगद राशि न होने पर सेल्समैन ने फोन-पे के माध्यम से 220 रुपये निशांत अवधिया नामक व्यक्ति के खाते में डलवाए। जब युवक ने एमआरपी से 20 रुपये अतिरिक्त लेने पर आपत्ति दर्ज कराई, तो दुकान कर्मियों ने शालीनता दिखाने के बजाय हंगामा शुरू कर दिया।

दुकान से रेट लिस्ट गायब, नियमों की अनदेखी 

सुरा प्रेमी युवक ने मीडिया को बताया कि आबकारी विभाग के नियमों के अनुसार हर शराब दुकान के बाहर स्पष्ट रूप से रेट लिस्ट टंगी होनी चाहिए, जिससे ग्राहकों को सही कीमत का पता चल सके। लेकिन बीजाडांडी शराब दुकान पर ऐसी कोई लिस्ट नहीं लगाई गई है। इसी का फायदा उठाकर सेल्समैन हर ब्रांड पर 10 से 20 रुपये अतिरिक्त वसूल रहे हैं। यह अवैध वसूली लंबे समय से जारी है, लेकिन डर के कारण अधिकांश लोग इसकी शिकायत नहीं कर पाते।

गाली-गलौज के साथ करते है अभद्र व्यवहार 

शराब खरीदने आने वाले ग्राहकों का आरोप है कि यहाँ के सेल्समैनों का व्यवहार अत्यंत अपमानजनक है। यदि कोई जागरूक ग्राहक प्रिंट रेट को लेकर सवाल करता है, तो उसके साथ गाली-गलौज की जाती है। स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन और आबकारी विभाग से मांग की है कि इस मनमानी पर तत्काल रोक लगाई जाए।

नागरिकों ने की जांच की मांग 

बीजाडांडी के जागरूक नागरिकों ने कलेक्टर और जिला आबकारी अधिकारी का ध्यान इस ओर आकर्षित करते हुए मांग की है कि दुकान का औचक निरीक्षण किया जाए और डिजिटल लेन-देन के रिकॉर्ड की जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।

पुलिस की कार्यप्रणाली संदेह के घेरे में 

ग्रामीणों ने सीधे तौर पर आबकारी विभाग और बीजाडांडी पुलिस पर मिलीभगत के गंभीर आरोप लगाए हैं। सूत्रों ने बताया कि क्षेत्र की पुलिस केवल दिखावे के लिए कभी-कभार छोटे-मोटे केस बनाकर खानापूर्ति कर देती है, जिससे अवैध विक्रेताओं के हौसले बुलंद हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जबलपुर और मंडला से चार पहिया एवं दो पहिया वाहनों के जरिए शराब की बड़ी खेप इन गांवों तक पहुंचाई जाती है, लेकिन मुख्य सप्लायरों तक पहुंचने में पुलिस आज भी नाकाम है।

हादसों और नशे की गिरफ्त में युवा 

नशे के इस अवैध कारोबार के कारण नई उम्र के युवक शराब के आदि हो रहे हैं। शराब पीकर वाहन चलाने के कारण क्षेत्र में आए दिन सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं, जिनमें कई युवा अपनी जान गंवा चुके हैं। ग्रामीणों ने मांग की है कि शराब की सप्लाई करने वाले मुख्य सरगनाओं पर कार्रवाई की जाए जिससे इस धंधे पर अंकुश लग सके।


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