स्मार्ट मीटर ने बढ़ाई अन्नदाता किसानों की मुसीबत

स्मार्ट मीटर ने बढ़ाई अन्नदाता किसानों की मुसीबत

फ्लैट रेट की जगह अब हर महीने थमाए जा रहे हजारो के बिजली बिल

  • साल में दो बार की जगह हर माह आ रहा हजारों का बिल, कनेक्शन काटने की मिल रही धमकी
  • कलेक्टर से की अटल किसान ज्योति योजना का लाभ दिलाने की मांग

मंडला महावीर न्यूज 29. नैनपुर विकासखंड के अंतर्गत आने वाले किसानों के लिए बिजली विभाग के स्मार्ट मीटर जी का जंजाल बन गए हैं। क्षेत्र के करीब 200 किसानों के खेतों में सिंचाई के लिए स्थायी विद्युत कनेक्शन हैं, जिनमें से लगभग 30 किसानों के खेतों में विभाग द्वारा स्मार्ट मीटर लगा दिए गए हैं। जब से ये स्मार्ट मीटर लगे हैं, तब से किसानों को शासकीय योजनाओं का लाभ मिलने के बजाय हर महीने हजारों रुपये के भारी-भरकम बिल थमाए जा रहे हैं, जिससे अन्नदाता गहरे आर्थिक संकट में आ गए हैं।

पीडि़त किसानों ने बताया कि पूर्व में शासन की फ्लैट रेट योजना के तहत कृषि पंपों का साल में केवल दो बार निर्धारित बिजली बिल आता था। लेकिन बीते मई माह से खेतों में स्मार्ट मीटर लगने के बाद रीडिंग आधारित बिल दिए जा रहे हैं। पिछले करीब 4 महीनों से किसानों को हर महीने 2 हजार रुपये से लेकर 10 हजार रुपये तक का भारी-भरकम बिल भेजा जा रहा है, जिसे चुकाना छोटे और मध्यम वर्ग के किसानों के लिए बेहद मुश्किल हो रहा है।

सीएम हेल्पलाइन में भी सुनवाई नहीं 

किसानों का आरोप है कि वर्तमान में विद्युत विभाग द्वारा उन्हें न तो फ्लैट रेट योजना का लाभ दिया जा रहा है और न ही अटल किसान ज्योति योजना में शामिल किया जा रहा है। जब किसान इस समस्या को लेकर बिजली विभाग के अधिकारियों के पास आवेदन व निवेदन करने पहुंचते हैं, तो उन्हें विद्युत कनेक्शन काट देने की धमकी दी जाती है। इतना ही नहीं, सीएम हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराने पर भी बिना किसी निराकरण के ही शिकायतें बंद कर दी जा रही हैं।

परेशान किसानों ने प्रशासन से लगाई गुहार 

इस गंभीर समस्या से त्रस्त होकर नैनपुर क्षेत्र के कृषक मेहताब सिंह ठाकुर, सुनील ठाकुर, सुंदर लाल ठाकुर, महेंद्र ठाकुर, शिवचरण नखरे, हरि सिंह ठाकुर, देवराव चौरे सहित अन्य किसानों ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर न्याय की गुहार लगाई है।

किसानों की प्रमुख मांगें 

किसानों ने जिला कलेक्टर से मांग की है कि कृषि पंपों पर किसानों को पूर्व की तरह फ्लैट रेट योजना का लाभ यथावत प्रदान किया जाए। जिन खेतों में स्मार्ट मीटर लगाए गए हैं, उनकी जांच कर अटल किसान ज्योति योजना के नियमानुसार पंजीयन व लाभ दिया जाए। स्मार्ट मीटर के आधार पर जारी किए गए भारी-भरकम बिलों की जांच कर उनमें आवश्यक संशोधन किया जाए। पात्र किसानों को योजना का लाभ मिलने तक अनावश्यक बिलों की वसूली और कनेक्शन काटने की कार्यवाही पर तत्काल रोक लगाई जाए।


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