मां खोडियार रास गरबा में होगा परंपरा और आधुनिकता का संगम

परंपरा और आधुनिकता का संगम होगा मां खोडियार रास गरबा

14 अक्टूबर से सजेगी भक्ति और संस्कृति की शाम

  • नवरात्रि की तैयारियां तेज
  • सुभाष वार्ड में 14 से 18 अक्टूबर तक गूंजेगी डांडिया की खनक
  • प्रशिक्षण में जुटीं युवतियां
  • युवा पीढ़ी को भारतीय संस्कृति से जोड़ने की अनूठी पहल
  • 18 अक्टूबर को फ्री-स्टाइल गरबा और श्रेष्ठ प्रतिभागियों का होगा सम्मान

मंडला महावीर न्यूज 29. आगामी नवरात्रि पर्व को लेकर शहर में उत्साह का माहौल बनने लगा है और गरबा आयोजनों की तैयारियां जोरों पर हैं। इसी कड़ी में स्थानीय सुभाष वार्ड स्थित गरबा ग्राउंड में भव्य ‘मां खोडियार रास गरबा महोत्सव’ का आयोजन होने जा रहा है। इस पांच दिवसीय उत्सव को लेकर नन्हीं बालिकाओं, युवतियों और महिलाओं में खासा उत्साह देखा जा रहा है।

14 से 18 अक्टूबर तक चलेगा महोत्सव

मां खोडियार रास गरबा समिति द्वारा यह मुख्य आयोजन 14 से 17 अक्टूबर तक किया जाएगा। वहीं, महोत्सव के अंतिम दिन 18 अक्टूबर को विशेष ‘फ्री-स्टाइल गरबा’ का आयोजन होगा, जिसमें उत्कृष्ट प्रदर्शन (बेस्ट परफॉरमेंस) करने वाले प्रतिभागियों को समिति की ओर से पुरस्कृत किया जाएगा।

विशेष प्रशिक्षण और पारंपरिक परिधानों पर जोर

आयोजन को भव्य और आकर्षक बनाने के लिए प्रतिभागियों द्वारा विशेष ड्रेस कोड और पारंपरिक आभूषणों (ज्वेलरी) की तैयारियां की जा रही हैं। गरबा की बारीकियां सिखाने के लिए विशेष प्रशिक्षण शिविर भी लगाया गया है, जिसमें प्रशिक्षक आयशा यादव, अनुष्का मालवानी, चेतना नैन्सी मालवानी, तमन्ना क्षत्री, रोनित सामतानी और अश्विन सोनकेशरी द्वारा प्रतिभागियों को पारंपरिक गरबा के साथ-साथ आधुनिक स्टेप्स का अभ्यास कराया जा रहा है।

भक्ति और संस्कृति से जोड़ने का प्रयास

आयोजक समिति के सदस्यों ने बताया कि गरबा केवल नृत्य का एक रूप नहीं, बल्कि मां भगवती की आराधना और भक्ति का सशक्त माध्यम है। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य युवा पीढ़ी को अपनी समृद्ध भारतीय संस्कृति और परंपराओं से जोड़ना है। नवरात्रि की इन रंगीन शामों में शहरवासियों को भक्ति, संगीत, नृत्य और संस्कृति का अनूठा संगम देखने को मिलेगा।


रिपोर्टर- रितेश पमनानी


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