एनएच 30 के किनारे सड़क से सटाकर लगाए जा रहे हाई टेंशन लाइन के पोल

एनएच 30 के किनारे सड़क से सटाकर लगाए जा रहे हाई टेंशन लाइन के पोल

उदयपुर सब-स्टेशन से फैक्ट्री के लिए बिछाई जा रही 1 किमी लंबी लाइन

  • काम पूरा करने की होड़ में सुरक्षा मानकों को ताक पर रख रहा ठेकेदार
  • बड़े हादसे को न्योता दे रही विभाग की लापरवाही
  • उदयपुर में सुरक्षा मानकों की अनदेखी, राहगीरों की जान पर मंडराया खतरा
  • नेशनल हाईवे से सटाकर बिछाई जा रही फैक्ट्री की बिजली लाइन

मंडला महावीर न्यूज 29. नेशनल हाईवे-30 के किनारे सड़क से बिल्कुल सटाकर बिजली के पोल खड़े करना किसी बड़े हादसे को खुला न्योता देने के बराबर साबित हो सकता है। उदयपुर स्थित विद्युत सब-स्टेशन से एक फैक्ट्री के लिए लगभग 1 किलोमीटर लंबी 33 केवी हाई टेंशन लाइन डाली जा रही है। इस कार्य में सुरक्षा मानकों को ताक पर रखकर हाईवे से मात्र 1 मीटर की दूरी पर बिजली के खंभे खड़े किए जा रहे हैं, लेकिन विद्युत विभाग के जिम्मेदार अधिकारी इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं।जानकारी अनुसार वर्तमान समय में एनएच 30 पर यातायात का दबाव काफी अधिक हो गया है, जिसकी वजह से इस मार्ग पर आए दिन कोई न कोई सड़क दुर्घटना होती रहती है। ऐसे में हाईवे से महज एक मीटर की दूरी पर खड़े किए जा रहे ये खंभे राहगीरों और वाहन चालकों के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकते हैं। बताया गया कि रात के अंधेरे में या किसी वाहन के अचानक अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे उतरने की स्थिति में वाहन सीधे इन बिजली के पोलों से टकरा जाएगा। लेकिप इन खंभों से हाई टेंशन लाइन गुजरेगी, इसलिए किसी भी दुर्घटना की स्थिति में करंट फैलने और जान-माल के भारी नुकसान का खतरा कई गुना बढ़ जाएगा।

ठेकेदार दे रहा परमिशन का हवाला, विभाग बना अनजान 

आरोप है कि ठेकेदार द्वारा जल्दबाजी में काम पूरा करने की होड़ में इन पोलों को हाईवे से सटाकर खड़ा किया जा रहा है। जब इस खतरनाक कार्यप्रणाली पर सवाल उठाया जाता है, तो ठेकेदार द्वारा अनुमति लेकर काम करने की बात कही जा रही है। वहीं विद्युत विभाग की चुप्पी भी कई सवाल खड़े कर रही है। स्थानीय नागरिकों और वाहन चालकों ने प्रशासन एवं विद्युत विभाग से मांग की है कि किसी बड़े हादसे का इंतजार किए बिना इस मामले को गंभीरता से लिया जाए और बिजली के पोलों को हाईवे से सुरक्षित दूरी पर लगाया जाए।


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