वरदान आश्रम के नीलू महाराज का श्रद्धालुओं को संदेश
24 सितंबर को ॐ भालचंद्राय नमः मंत्र से करें भगवान गणेश की विशेष पूजा
- गुरुवार को गजानन को लगाएं हलवे का भोग
- बप्पा की कृपा से दूर होंगे जीवन के सभी कष्ट और बाधाएं
मंडला महावीर न्यूज 29. सनातन धर्म में भगवान गणेश को प्रथम पूज्य देवता माना गया है, और किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत उनके स्मरण के बिना अधूरी मानी जाती है। इसी कड़ी में, श्रद्धालुओं के आध्यात्मिक कल्याण के लिए विशेष मार्गदर्शन जारी करते हुए वरदान आश्रम के संचालक नीलू महाराज ने गुरुवार, 24 सितंबर को भगवान श्री गणेश की विशेष आराधना करने का आह्वान किया है। उन्होंने बताया कि इस दिन विघ्नहर्ता की सच्चे मन से पूजा करने से जीवन की सभी बाधाएं दूर होती हैं और घर में सुख-समृद्धि का वास होता है।
नीलू महाराज ने धर्मप्रेमी बंधुओं से कहा कि 24 सितंबर को भगवान गणेश की पूजा-अर्चना के दौरान ‘ॐ भालचंद्राय नमः’ मंत्र का विशेष रूप से जाप करें। भगवान गणेश के मस्तक पर चंद्रमा सुशोभित है, इसलिए उन्हें भालचंद्र कहा जाता है। इस चमत्कारी मंत्र के जाप से मानसिक शांति मिलती है, बौद्धिक क्षमता का विकास होता है और व्यक्ति के भीतर सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। गुरुवार का दिन आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत पवित्र माना जाता है, इसलिए इस दिन एकाग्रचित्त होकर गजानन का ध्यान करना विशेष फलदायी सिद्ध होता है।
पूजा विधि और नैवेद्य के विषय में बताते हुए नीलू महाराज ने कहा कि भगवान गणेश को मिष्ठान अत्यंत प्रिय हैं। गुरुवार की पूजा के दौरान बप्पा को विशेष रूप से शुद्ध घी से बने हलवे का भोग लगाना चाहिए। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, गजानन को हलवे का भोग अर्पण करने से वे अति शीघ्र प्रसन्न होते हैं और भक्तों के जीवन में मिठास, सफलता तथा मंगल का आशीर्वाद प्रदान करते हैं।
वरदान आश्रम की ओर से सभी श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे 24 सितंबर के दिन प्रातः काल स्नान-ध्यान के पश्चात पूर्ण श्रद्धा भाव से भगवान श्री गणेश की पूजा करें। आरती के पश्चात हलवे का प्रसाद अपने परिवार के सदस्यों और जरूरतमंदों में वितरित कर पुण्य के भागीदार बनें। इस सरल लेकिन अत्यंत प्रभावशाली अनुष्ठान से घर में रिद्धि-सिद्धि का आगमन सुनिश्चित होता है।









