कान्हा टाइगर रिजर्व में हाथियों के लिए ‘रिजुविनेशन कैंप’ शुरू
6 दिनों तक गश्ती से दूर रहकर विशेष आहार और मालिश का ले रहे आनंद
- सूपखार परिक्षेत्र में 16 विभागीय हाथियों का लगा स्वास्थ्य शिविर
- 16 सालों से जारी है परंपरा, महावतों की भी होगी जांच और ट्रेनिंग
मंडला महावीर न्यूज 29. वन एवं वन्यजीव संरक्षण, गश्ती और रेस्क्यू जैसे चुनौतीपूर्ण कार्यों में वन विभाग के सबसे अहम सहयोगी ‘विभागीय हाथियों’ को थकान से उबारने और उन्हें तरोताजा करने के लिए कान्हा टाइगर रिजर्व (KTR) में ‘हाथी पुनर्यौवन (रिजुविनेशन) शिविर’ का शुभारंभ किया गया है। सूपखार परिक्षेत्र में 15 से 20 सितंबर 2026 तक चलने वाले इस 6 दिवसीय विशेष शिविर में हाथियों को काम से पूरी तरह आराम देकर उनके स्वास्थ्य, आहार और मानसिक शांति पर ध्यान दिया जाएगा।
शिविर का विधिवत शुभारंभ कान्हा टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक श्री रविन्द्र मनी त्रिपाठी ने किया। इस अवसर पर सीआरपीएफ मंडला के कमांडेंट श्री आलोक यादव, उप संचालक श्री प्रकाश कुमार वर्मा, संभागीय प्रबंधक श्री विनोद जाखड़ सहित अन्य अधिकारी व वन अमला मौजूद रहा।
मालिश, स्नान और मिलेगा मनपसंद भोजन
शिविर के दौरान प्रतिदिन प्रातः हाथियों को जंगल से लाकर स्नान कराया जाएगा। इसके बाद उनके पैरों में नीम तेल और सिर पर अरंडी के तेल से मालिश की जाएगी। आराम के साथ-साथ हाथियों को पौष्टिक और उनका मनपसंद आहार दिया जाएगा, जिसमें गन्ना, केला, मक्का, आम, अनानास, नारियल, रोटी और गुड़ आदि शामिल हैं।
हो रहा स्वास्थ्य परीक्षण
विशेषज्ञ पशु चिकित्सकों के दल द्वारा सभी हाथियों के स्वास्थ्य की गहन जांच की जाएगी। उनके रक्त, मल और मूत्र के नमूने लेकर प्रयोगशाला भेजे जाएंगे। इसके अतिरिक्त, हाथियों के नाखूनों व दांतों की ट्रिमिंग और पेट के कृमियों (डी-वॉर्मिंग) की सफाई भी की जाएगी।
कान्हा में हैं 16 विभागीय हाथी
वर्तमान में कान्हा टाइगर रिजर्व में कुल 16 विभागीय हाथी हैं, जिनमें 9 नर, 6 मादा और 1 नवजात शावक शामिल है। इन हाथियों में वयोवृद्ध हथिनी वनमाला (जन्म 1961) और वनदेवी से लेकर लाल बहादुर, पवनपुत्र, चंचलकली और हाल ही में कर्नाटक से लाए गए रवि व शिवम जैसे हाथी शामिल हैं। जुलाई 2025 में जन्मी नवजात हथिनी ‘अवांतिक’ का पालन-पोषण निर्मला और चंचलकली की देखरेख में किया जा रहा है।
महावतों का भी परीक्षण और प्रशिक्षण
यह शिविर केवल हाथियों तक सीमित नहीं है, बल्कि उनकी दिन-रात सेवा करने वाले महावतों और चाराकटरों का भी स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है। इस दौरान महावतों को हाथियों के व्यवहार को बेहतर ढंग से समझने और आपात स्थिति में सुरक्षित प्रबंधन का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
पिछले 16 वर्षों से अनवरत जारी यह रिजुविनेशन कैंप कान्हा प्रबंधन की वन्यजीव कल्याण के प्रति एक बेहद संवेदनशील और अनूठी पहल है, जिससे हाथियों को नई ऊर्जा और आपस में सामाजिक मेलजोल का अवसर मिलता है।
कान्हा टाइगर रिजर्व में 16 विभागीय हाथी
वर्तमान में कान्हा टाइगर रिजर्व में 16 विभागीय हाथी हैं, जिनमें विभिन्न आयु वर्ग के नर एवं मादा हाथी शामिल हैं। इनमें कुछ हाथी नियमित गश्ती एवं अन्य विभागीय कार्यों में सक्रिय रूप से संलग्न हैं, जबकि वृद्धावस्था अथवा प्रशिक्षण की स्थिति वाले हाथियों को उनकी क्षमता के अनुरूप कार्य दिया जाता है। नवजात हाथियों का पालन-पोषण एवं प्रशिक्षण अनुभवी हथिनियों की देखरेख में किया जा रहा है। विशेष रूप से वनमाला द्वारा नवजात हाथी गजराज के पालन-पोषण में सहयोग किया जा रहा है। इसी प्रकार निर्मला एवं चंचल कली द्वारा नवजात हाथी के पालन-पोषण की जिम्मेदारी निभाई जा रही है।
1. वनमाला: वनमाला, मादा हाथी है। जन्म तिथि 05.02.1961 है तथा वर्ष 1974 में सोनपुर, बिहार मेले से क्रय कर कान्हा लाई गई। वर्तमान में नवजात हाथी गजराज के पालन-पोषण में सहयोग कर रही है तथा दैनिक पेट्रोलिंग कार्यों में संलग्न नहीं है।
2. पवनपुत्र: पवनपुत्र, नर हाथी है। जन्म तिथि 05.06.1992 है। इसका जन्म कान्हा टाइगर रिजर्व में ही हुआ है तथा इसकी माता पवनकली है। वर्तमान में दैनिक पेट्रोलिंग एवं अन्य आवश्यक विभागीय कार्यों में संलग्न है।
3. वनराज: वनराज, नर हाथी है। जन्म तिथि 29.11.2017 है। इसका जन्म कान्हा टाइगर रिजर्व में हुआ है तथा इसकी माता वनमाला है। वर्तमान में इसका प्रशिक्षण जारी है।
4. लाल बहादुर: लाल बहादुर, नर हाथी है। जन्म तिथि 01.01.1967 है तथा वर्ष 1994 में लालमाटी, सरगुजा के जंगलों से पकड़कर कान्हा लाया गया। यह वर्ष में लगभग 4 से 6 माह मस्त की अवस्था में रहता है। सामान्य स्थिति में इसका उपयोग दैनिक पेट्रोलिंग एवं अन्य आवश्यक विभागीय कार्यों में किया जाता है।
5. वनदेवी: वनदेवी, मादा हाथी है। जन्म तिथि 12.02.1941 है तथा इसे असम से क्रय कर कान्हा लाया गया। वृद्धावस्था के कारण वर्तमान में इसका उपयोग दैनिक पेट्रोलिंग एवं अन्य आवश्यक विभागीय कार्यों में नहीं किया जा रहा है।
6. चंचलकली: चंचलकली, मादा हाथी है। जन्म तिथि 05.02.1956 है तथा वर्ष 1979 में सोनपुर, बिहार मेले से क्रय कर कान्हा लाई गई। वर्तमान में दैनिक पेट्रोलिंग एवं अन्य आवश्यक विभागीय कार्यों में संलग्न है।
7. निर्मला: निर्मला, मादा हाथी है। जन्म तिथि 13.10.1993 है। इसका जन्म कान्हा टाइगर रिजर्व में हुआ है तथा इसकी माता ब्रह्मपुत्री है। वर्तमान में दैनिक पेट्रोलिंग एवं अन्य आवश्यक विभागीय कार्यों में संलग्न है।
8. हिमालय: हिमालय, नर हाथी है। जन्म तिथि 23.03.1994 है। इसका जन्म कान्हा टाइगर रिजर्व में हुआ है तथा इसकी माता वनदेवी है। वर्तमान में दैनिक पेट्रोलिंग एवं अन्य आवश्यक विभागीय कार्यों में संलग्न है।
9. कान्हा: कान्हा, नर हाथी है। इसे भटककर आए जंगली हाथी के रूप में कान्हा परिक्षेत्र से पकड़कर प्रशिक्षित किया गया। दिनांक 07.12.2020 से विभागीय हाथी के रूप में दर्ज है। प्रशिक्षण उपरांत वर्तमान में दैनिक पेट्रोलिंग एवं अन्य आवश्यक विभागीय कार्यों में संलग्न है।
10. राणा प्रताप: राणा प्रताप, नर हाथी है। जन्म तिथि 01.08.1993 है। इसका जन्म कान्हा टाइगर रिजर्व में हुआ है तथा इसकी माता वनमाला है। वर्तमान में दैनिक पेट्रोलिंग एवं अन्य आवश्यक विभागीय कार्यों में संलग्न है।
11. शिवा: शिवा, नर हाथी है। जन्म तिथि 02.05.2007 है। इसका जन्म कान्हा टाइगर रिजर्व में हुआ है तथा इसकी माता वनमाला है। वर्तमान में दैनिक पेट्रोलिंग एवं अन्य आवश्यक विभागीय कार्यों में संलग्न है।
12. शिवानी: शिवानी, मादा हाथी है। जन्म तिथि 30.05.2014 है। इसका जन्म कान्हा टाइगर रिजर्व में हुआ है तथा इसकी माता वनमाला है। वर्तमान में दैनिक पेट्रोलिंग एवं अन्य आवश्यक विभागीय कार्यों में संलग्न है तथा इसका प्रशिक्षण भी जारी है।
13. मानसी: मानसी, मादा हाथी है। जन्म तिथि 09.05.2018 है। इसका जन्म कान्हा टाइगर रिजर्व में हुआ है तथा इसकी माता तारा है। वर्तमान में इसका प्रशिक्षण जारी है।
14. रवि: रवि, नर हाथी है। इसे कर्नाटक से दिनांक 09.02.2023 को कान्हा लाया गया। वर्तमान में दैनिक पेट्रोलिंग एवं अन्य आवश्यक विभागीय कार्यों में संलग्न है।
15. शिवम: शिवम, नर हाथी है। इसे कर्नाटक से दिनांक 09.02.2023 को कान्हा लाया गया। वर्तमान में दैनिक पेट्रोलिंग एवं अन्य आवश्यक विभागीय कार्यों में संलग्न है।
16. अवांतिक (नवजात बच्चा): दिनांक 03.07.2025 को कान्हा टाइगर रिजर्व में एक नवजात हथिनी का जन्म हुआ। इसकी माता निर्मला है। वर्तमान में इसका पालन-पोषण हथिनियों निर्मला एवं चंचलकली द्वारा किया जा रहा है।
रिजुविनेशन कैंप का महत्व
हाथी रिजुविनेशन कैंप केवल हाथियों को विश्राम एवं स्वास्थ्य लाभ प्रदान करने का अवसर नहीं है, बल्कि यह विभागीय हाथियों की शारीरिक एवं मानसिक तंदुरुस्ती बनाए रखने, उनकी कार्यक्षमता के संरक्षण तथा दीर्घकालीन स्वास्थ्य प्रबंधन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
ऐसे कैंप के आयोजन से एक ओर हाथियों में नई ऊर्जा का संचार एवं मानसिक विश्राम होता है, वहीं दूसरी ओर इन सामाजिक जीवों को एक साथ समय बिताने और आपसी सामाजिक व्यवहार प्रदर्शित करने का अनूठा अवसर प्राप्त होता है। इससे हाथियों के बीच सामाजिक संबंध एवं सामूहिक व्यवहार को बनाए रखने में भी सहायता मिलती है।











