प्रतिनियुक्ति पर आए शिक्षकों का दर्द सुन पसीजा मंत्री का दिल
स्थाई समाधान के लिए प्रमुख सचिव से की चर्चा
- “हमें ट्राइबल विभाग में ही मर्ज करें”
- 200 शिक्षकों ने मंत्री संपतिया उइके से लगाई गुहार
- मिला ठोस आश्वासन
मंडला महावीर न्यूज 29. शिक्षा विभाग से जनजातीय कार्य विभाग में प्रतिनियुक्ति पर आए मंडला जिले के शिक्षकों ने मंगलवार को लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्रीमती संपतिया उइके से मुलाकात कर अपनी पीड़ा साझा की। ‘ट्राइबल वेलफेयर टीचर्स एसोसिएशन’ के प्रांताध्यक्ष डी.के. सिंगौर के नेतृत्व में पहुंचे 50 से अधिक शिक्षकों ने अपनी सेवाओं को जनजातीय विभाग में ही स्थाई रूप से मर्ज करने की मांग की।
क्या है शिक्षकों की समस्या?
शिक्षकों ने बताया कि वे मूलतः मंडला जिले के निवासी हैं, लेकिन उनकी नियुक्ति 10 वर्ष पूर्व अन्य जिलों में शिक्षा विभाग में हुई थी। स्थानांतरण नीति न होने के कारण वे प्रतिनियुक्ति के माध्यम से अपने गृह जिले में आए थे। पिछले 6-7 वर्षों से वे यहीं सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन प्रतिनियुक्ति पर होने के कारण उनकी क्रमोन्नति, वरिष्ठता सूची और उच्च पद प्रभार जैसी प्रक्रियाएं प्रभावित हो रही हैं। शिक्षकों को हमेशा यह डर सताता रहता है कि उन्हें वापस मूल विभाग (पुराने जिले) में न भेज दिया जाए।
मंत्री ने तत्काल लिया संज्ञान
शिक्षकों की व्यथा सुनने के बाद मंत्री श्रीमती संपतिया उइके ने तत्काल जनजातीय कार्य विभाग के प्रमुख सचिव गुलशन बामरा से फोन पर चर्चा की। प्रमुख सचिव ने आश्वस्त किया कि वर्तमान में किसी को वापस मूल विभाग नहीं भेजा जाएगा, हालांकि विभाग में मर्ज करने के लिए कैबिनेट की मंजूरी और नई पॉलिसी की आवश्यकता होगी।
मुख्यमंत्री से चर्चा का आश्वासन
मंत्री श्रीमती उइके ने शिक्षकों को भरोसा दिलाया कि वे इस गंभीर विषय पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, स्कूल शिक्षा मंत्री और जनजातीय कार्य मंत्री से कैबिनेट बैठक के दौरान चर्चा करेंगी। उन्होंने शिक्षकों से कहा, “आप निश्चिंत होकर विद्यालयों में अध्यापन कार्य कराएं, आपकी समस्या का समाधान अवश्य निकलेगा।” उन्होंने शिक्षकों के प्रतिनिधिमंडल को चर्चा के लिए भोपाल भी आमंत्रित किया है।
इस अवसर पर विपिन अग्रवाल, शालिग राम पटेल, पुष्पा झरिया, पूनम सोनी, संदीप कछवाहा सहित बड़ी संख्या में शिक्षक उपस्थित रहे।










